
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब जल्द ही छांगुर बाबा की 100 करोड़ रुपये से भी अधिक की संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में है। इस कार्यवाही के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई संपत्तियां बेनामी हैं, जो छांगुर बाबा के करीबी सहयोगियों नीतू और नवीन के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीदी गई हैं। इतना ही नहीं, इनमें से कुछ संपत्तियां सरकारी जमीनों पर भी स्थित हैं, जो जांच का विषय बनी हुई हैं।
गुरुवार रात, ईडी की एक विशेष टीम 13 घंटे तक चली छानबीन के बाद उतरौला से लौट आई। इस दौरान उन्होंने जिन-जिन ठिकानों पर छापे मारे थे, वहां नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। इन नोटिसों में उन वस्तुओं और दस्तावेजों का भी जिक्र है जिन्हें ईडी ने जब्त किया है। इसकी एक प्रति बलरामपुर जिला प्रशासन को भी सौंपी गई है।
जब्त दस्तावेज़ों का विस्तृत ब्योरा
ईडी ने ‘एनेक्जर-ए’ नामक सूची में कुल 25 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दस्तावेजों का ब्यौरा दर्ज किया है। इनमें सबसे खास बात यह है कि नीतू, नवीन रोहरा और नवीन घनश्याम रोहरा उर्फ जमालुद्दीन द्वारा इस्लाम धर्म स्वीकारने के संबंध में घोषणाएं और शपथपत्र शामिल हैं। इसके अलावा, लेनदेन से जुड़े कागजात, 106 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग से संबंधित दस्तावेज, यूएई की रैक इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, हबीब बैंक एजी जुरिच और एसबीआई समेत अन्य बैंकों में लेनदेन का विवरण भी ईडी को हाथ लगा है। कुछ विदेशी मुद्राएं भी बरामद हुई हैं।
भूमि सौदों से जुड़े अहम कागजात
ईडी को मुंबई स्थित रनवाल ग्रीन्स प्रोजेक्ट से संबंधित ड्राफ्ट सेल डीड, पॉवर ऑफ अटॉर्नी और उतरौला में स्थित एक बुटीक शोरूम के ट्रांसफर संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। यह शोरूम नीतू रोहरा ने छांगुर बाबा को सौंपा था, जिसके समर्थन में शपथ पत्र भी मिला है। इसके अलावा, दस्तावेजों में कंपनी रजिस्ट्रेशन, पॉवर ऑफ अटॉर्नी, बैंक स्टेटमेंट, जमीन खरीद और विदेशी निवेश की रसीदें भी शामिल हैं।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पीएमएलए के सहायक निदेशक सुधांशु सिंह कर रहे थे। उनके साथ प्रवर्तन अधिकारी तरुण कुमार यादव, यूडीसी शम्भू कुमार और सीआरपीएफ की 91 बटालियन के जवान शामिल थे, जिन्होंने इस अहम कार्रवाई को अंजाम दिया।














