
भवानी मंडी शहर में आयोजित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री निष्पक्षसागर जी महाराज ने मातृशक्ति की भूमिका को लेकर गहरा संदेश दिया। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की झालावाड़ जिला इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस "मातृशक्ति संस्कार शिविर" में उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का सर्वांगीण विकास तब ही संभव है जब उसकी मातृशक्ति जागरूक, संस्कारित और आत्मनिर्भर हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्त्री केवल घर की नहीं, पूरे समाज और राष्ट्र की दिशा तय करती है। माँ ही प्रथम गुरु होती है और अगर वह संतुलित और संस्कारित होगी तो उसकी संतान भी उसी मार्ग पर चलेगी।
अपने संबोधन में मुनि श्री ने भगवान श्रीराम और भगवान महावीर स्वामी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान आत्माओं को जन्म देने वाली माताएं ही थीं, जिनके संस्कारों ने उन्हें विश्व के आदर्श पुरुष और त्याग-तपस्या के प्रतीक के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने हर कदम पर धर्म और मर्यादा का पालन कर समाज को सही दिशा दी। इसी तरह, भगवान महावीर स्वामी द्वारा प्रतिपादित 'जियो और जीने दो' का सिद्धांत आज पूरे देश की आत्मा बन चुका है।
मुनि श्री निष्पक्षसागर जी ने पत्रकारों को भी विशेष रूप से संबोधित किया और उनसे अपेक्षा जताई कि वे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों से समाज को सत्य की आशा होती है और वे जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि होते हैं। पत्रकारिता यदि सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ की जाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में मुनि श्री निस्पृहसागर जी महाराज ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में माताओं का सजग रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आज की माँ ही कल के राष्ट्र निर्माता को गढ़ती है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति यदि अपने संस्कारों को संजोकर रखे तो हमारी संस्कृति सदैव जीवित और प्रासंगिक बनी रहेगी।
इस अवसर पर जार के प्रदेश संगठन महामंत्री भंवर सिंह कछवाहा ने भी पत्रकारिता में संगठन की भूमिका और सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व विधायक स्नेहलता थीं, जिनके साथ प्रशासन और समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार मदनलाल वर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक बनेसिंह सोलंकी, समाजसेवी धर्मचंद गोटावाला, जार जिलाध्यक्ष दिलीप जैन और विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बालूसिंह चौहान भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें सकल दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष विजय जैन जूली, संतोष पाटनी, पूर्व विधायक स्नेहलता और संजय पाटनी को प्रदेश स्तरीय 'जार सम्मान' से नवाजा गया। अतिथियों का स्वागत जार और जैन समाज की ओर से किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कुमोद शर्मा ने प्रभावी रूप से किया और आयोजन को सफल बनाने में जिले के पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस शिविर ने न केवल मातृशक्ति को जागरूक किया बल्कि समाज में संस्कार, पत्रकारिता और संस्कृति के आपसी संबंधों पर सार्थक संवाद की मिसाल पेश की।














