
राजस्थान के टोंक जिले में मंगलवार रात प्रशासनिक सक्रियता का एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर टीना डाबी ने ककोड़ गांव में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे। कार्यक्रम में देवली-उनियारा से बीजेपी विधायक राजेंद्र गुर्जर भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने महज चार घंटे के भीतर लगभग 90 से ज्यादा शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
समस्याओं का समाधान गांव में ही करने के निर्देश
रात्रि चौपाल के दौरान कलेक्टर टीना डाबी ने मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान यथासंभव गांव स्तर पर ही किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता को त्वरित और सरल समाधान देना होना चाहिए।
इस मौके पर टोंक के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बिजली, राजस्व, जल आपूर्ति और सड़क से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वन विभाग पर गंभीर आरोप, खनन माफिया से सांठगांठ का दावा
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब विधायक राजेंद्र गुर्जर ने वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा पर बजरी माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन को संरक्षण दिया जा रहा है।
विधायक ने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में वीडियो और फोटो जैसे सबूत मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जहां छोटे किसानों या खेत से मिट्टी उठाने वालों पर तुरंत मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं, वहीं अवैध बजरी खनन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
इस दौरान उपवन संरक्षक अनुराग महर्षि ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया और कहा कि सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बहस
चौपाल के दौरान वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए सफाई देने की कोशिश की। वहीं विधायक और अधिकारियों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस भी देखने को मिली। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने का प्रयास किया गया।
रात्रि चौपाल के अंत में कलेक्टर ने एक बार फिर दोहराया कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














