
जयपुर: राजस्थान में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (SIR) की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। राज्य अब तक इस अभियान में देश के अन्य प्रदेशों से लगभग 44 प्रतिशत आगे निकल चुका है। करीब ढाई करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। हालांकि, इस बीच SIR को लेकर राजनीतिक तापमान भी बढ़ा है। कांग्रेस, SIR के काम में जुटे दो बीएलओ की मौतों को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े कर रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की हताशा का परिणाम बता रही है।
इधर, लगातार बढ़ते काम के बोझ से आत्महत्या और हार्ट अटैक के मामलों की चर्चा ने कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए निर्वाचन विभाग ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मदद के लिए अतिरिक्त बीएलओ और सूचना सहायकों (IA) की तैनाती शुरू कर दी है। साथ ही जरूरत पड़ने पर स्वयंसेवकों की सेवाएं भी ली जाएंगी ताकि अधिकारियों पर लदे काम का दबाव कम किया जा सके।
दो घटनाओं पर खड़े हुए सवाल, मुख्य चुनाव अधिकारी ने दी सफाई
बीएलओ मुकेश जांगिड़ की आत्महत्या और सवाई माधोपुर में एक अन्य बीएलओ की हृदयाघात से मौत के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया। इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी नवीन महाजन ने कहा कि बीएलओ SIR अभियान की नींव हैं और उनकी हर समस्या को गंभीरता से सुना जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दो मामलों के आधार पर SIR के कामकाज को लेकर व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए महाजन ने कहा कि विभाग का उद्देश्य बीएलओ को अधिक सुविधाएं, सुरक्षा और कार्य सुगमता प्रदान करना है।
ड्यूटी के दौरान मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता के प्रावधानों पर भी उन्होंने कहा कि चुनाव अवधि में ऐसी सहायता उपलब्ध है, और SIR के दौरान भी इसकी प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए निर्वाचन आयोग मार्गदर्शन लेगा।
बीएलओ कार्यभार कम करने की दिशा में ठोस कदम
महाजन ने बीएलओ को “फुट सोल्जर” बताते हुए कहा कि उन्हीं की मेहनत से 70% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो पाई है और अब तक 2.50 करोड़ फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं।
78 बीएलओ अपने काम में 100% लक्ष्य हासिल कर चुके हैं, जिन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।
कार्यभार कम करने के लिए विभाग ने:
अतिरिक्त बीएलओ नियुक्त करने
सूचना सहायकों की संख्या बढ़ाने
स्वयंसेवकों से सहयोग लेने
सूचना प्रणाली (आईटी सपोर्ट) को मजबूत करने
जैसे कदम उठाए हैं। महाजन का कहना है कि SIR की समय-सारिणी तय है, जिससे हल्का दबाव स्वाभाविक है, लेकिन प्रदेश के बीएलओ उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ कार्य कर रहे हैं।
बीएलओ की मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीएलओ की असमय मौतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शुरुआती संकेत काम के अत्यधिक दबाव की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार से सभी मामलों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कांग्रेस की आशंकाओं पर भाजपा का पलटवार
कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का भाजपा ने तीखा जवाब दिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि कांग्रेस ने अब ईवीएम छोड़कर SIR पर नया विवाद खड़ा करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को SIR इसलिए अखर रहा है क्योंकि इससे फर्जी मतदाताओं के नाम हट रहे हैं, न कि नए नाम जोड़े जा रहे हैं।
बगड़ी ने कहा कि कांग्रेस को SIR की प्रक्रिया को समझना चाहिए, क्योंकि निर्वाचन आयोग पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत काम कर रहा है।














