
अलवर जिले का सरिस्का टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। तीन महीने के मानसून ब्रेक के बाद आगामी 2 अक्टूबर से यहां सफारी का रोमांच फिर लौटने वाला है। प्रशासन ने ऑनलाइन बुकिंग की विंडो पहले ही खोल दी है और पर्यटक बड़ी संख्या में अपने स्लॉट बुक कर रहे हैं।
पर्यटन सीजन की नई शुरुआत
पर्यटन सीजन हर साल अक्टूबर से शुरू होता है, लेकिन इस बार 1 अक्टूबर को बुधवार का अवकाश होने के कारण सफारी की शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी। सरिस्का प्रशासन ने ट्रैक्स की मरम्मत, वॉच टावर की जांच और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि पर्यटकों को अब ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के जरिए अपनी पसंद की तारीख और समय पर सफारी का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है।
जंगल में बाघों का दीदार
सरिस्का टाइगर रिजर्व हमेशा से बाघों और तेंदुओं की मौजूदगी के लिए प्रसिद्ध रहा है। वर्तमान में यहां 48 टाइगर्स मौजूद हैं। इसके अलावा पर्यटकों को भालू, सियार, लक्कड़बग्गा, सांभर, चीतल और अनेक दुर्लभ पक्षियों को देखने का अवसर भी मिलेगा। मानसून के बाद जंगल की हरियाली और लबालब जलस्रोत पर्यटकों को और भी आकर्षित करेंगे।
हाउसफुल रहने की संभावना
सफारी की शुरुआत विजयदशमी के दिन होने जा रही है, जिससे पर्यटकों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। पहले ही दिन हाउसफुल की स्थिति बन सकती है। सरिस्का में 30 वाहन पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें 17 जिप्सी और 13 कैंटर शामिल हैं। अभी से सुबह और शाम की पारी के लिए अधिकांश स्लॉट बुक हो चुके हैं।
पर्यटन और प्रकृति का संगम
अच्छी बारिश के कारण सरिस्का के जलस्रोत भर चुके हैं, जिससे वन्यजीवों को पानी की कमी नहीं होगी। हरी-भरी घाटियां, नदियों-नालों की कलकल ध्वनि और बाघों की दहाड़ पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव देंगी। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए सरिस्का एक आदर्श गंतव्य के रूप में एक बार फिर तैयार है।














