
जयपुर। राजस्थान सरकार ने शहरी विकास और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी बजट 2025-26 में प्रस्तावित 1 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाकर अब 2 लाख कर दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य केवल शहरों को रोशन करना ही नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, ऊर्जा की बचत करने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का भी है।
दीपावली से पहले होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि प्रदेश का हर मोहल्ला, हर सड़क और हर बाजार रोशनी से जगमगाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना की शुरुआत दीपावली से पहले की जाए ताकि त्योहारों के दौरान राजस्थान के शहर नई चमक के साथ नजर आएं। इसे केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि सुरक्षित और आधुनिक राजस्थान की दिशा में उठाया गया ठोस कदम बताया जा रहा है।
पुरानी लाइटों को हटाकर लगेंगी नई एलईडी
राज्य की 312 नगरीय निकायों में लगातार बढ़ रही आबादी और क्षेत्रीय विस्तार को देखते हुए पुरानी और कमजोर स्ट्रीट लाइटों को हटाकर नई ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। एलईडी लाइट्स न केवल अधिक रोशनी देती हैं बल्कि कम बिजली की खपत करती हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और सरकार पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा। इससे शहरी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी दुर्घटनाओं की आशंका को कम करती है और पैदल चलने वालों से लेकर वाहन चालकों तक सभी को सुरक्षित माहौल देती है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह कदम राहत और सुरक्षा का एहसास कराएगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा बल्कि नागरिकों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
‘शहर चलो अभियान’ और हेल्पलाइन नंबर
स्वायत्त शासन विभाग इस योजना को लागू करने के लिए तेजी से कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसके साथ ही 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘शहर चलो अभियान’ के तहत पूरे राज्य की नगरीय निकायों में नई लाइटें लगाई जाएंगी और खराब लाइटों की मरम्मत की जाएगी। विभाग ने नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के लिए राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर 181 भी जारी किया है। इस नंबर पर लोग स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सड़कों से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत कर सकेंगे। यह पहल नागरिक भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।














