न्यूज़
Bigg Boss 19 Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

भ्रष्टाचार पर सख्त भजनलाल सरकार, पौने दो साल में 250 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई, 596 मामले अब भी लंबित

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पिछले पौने दो वर्षों में 250 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। 66 निलंबित, 98 पर अभियोजन स्वीकृति, 6 बर्खास्त और 9 की पेंशन रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं। हालांकि, ACB में 596 भ्रष्टाचार मामलों में अब भी अभियोजन स्वीकृति लंबित है, जिससे सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Mon, 03 Nov 2025 4:51:28

भ्रष्टाचार पर सख्त भजनलाल सरकार, पौने दो साल में 250 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई, 596 मामले अब भी लंबित

भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार अब उसी दिशा में सख्त रवैया अपनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते पौने दो वर्षों में 250 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी है। इनमें 66 अधिकारियों को निलंबित, 98 कर्मचारियों पर अभियोजन स्वीकृति, 6 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त और 9 अधिकारियों की आजीवन पेंशन रोकने जैसे कदम शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि यह अभियान प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। हालांकि, इसी बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में अब तक 596 मामलों में अभियोजन स्वीकृति लंबित क्यों है? जब सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति का दावा करती है, तो फिर इतने सारे मामलों में फैसला लंबित क्यों है?

596 मामले अब भी स्वीकृति के इंतजार में


भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के लगभग सभी प्रमुख विभागों में भ्रष्टाचार के आरोपितों की फाइलें स्वीकृति के अभाव में अटकी पड़ी हैं। इन मामलों का ब्योरा इस प्रकार है:

कार्मिक विभाग: 42 मामले

राजस्व विभाग: 60

पंजीयन एवं मुद्रण: 4

उपनिवेशन विभाग: 1

पंचायत राज विभाग: 49

ग्रामीण विकास विभाग: 32

पुलिस विभाग: 42

कृषि विभाग: 1

जल संसाधन विभाग: 7

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग: 12

जल संग्रहण, विकास एवं भू-संरक्षण विभाग: 1

चिकित्सा विभाग: 6

नगरीय विकास विभाग: 5

स्वायत शासन विभाग: 144

ऊर्जा विभाग: 30

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग: 3

महिला एवं बाल विकास: 1

बाल अधिकारिता: 7

कोष एवं लेखा: 3

सहकारिता विभाग: 19

शिक्षा विभाग: 16

विश्वविद्यालय: 3

इसके अलावा तकनीकी शिक्षा (1), परिवहन विभाग (10), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (1), श्रम विभाग (5), खनिज विभाग (11), वन विभाग (14), रीको (2), उद्योग विभाग (5), वाणिज्य कर विभाग (2), राजस्थान रोडवेज (10), सार्वजनिक निर्माण विभाग (7), पशुपालन (2), महालेखा (5), रेल विभाग (3), नारकोटिक्स (1), सीजीएसटी (4), आयकर विभाग (1), बैंक (2), एसबीआई जनरल इंश्योरेंस (1), कर्नाटक पुलिस (1), महाराष्ट्र पुलिस (3), एक्स-सर्विसमैन संगठन (2), बीवीजी (1), रोजमार्तो टेक्नोलॉजी लिमिटेड (1), दिव्या इंटरप्राइजेज (1), भारतीय सेवा संस्थान (1), शक्ति कॉरपोरेट लिमिटेड (1), ओएसिस कॉर्पोरेशन (1), और क्रिटिकल इंटीग्रेटेड सर्विसेज प्रा। लि। (1) में भी अभियोजन स्वीकृति अब तक लंबित है।

अभियोजन स्वीकृति के अभाव में पेंडिंग :

- अभियोजन स्वीकृति का मतलब मुकदमा चलाने की अनुमति का इंतजार है।
- 596 मामले अभियोजन स्वीकृति के अभाव में पेंडिंग।
- कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में अभियोजन स्वीकृति अभी तक पेंडिंग है।
- सक्षम अधिकारी से स्वीकृति मिलने के बाद ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PCA) के तहत मामला आगे बढ़ पाता है।
- ACB द्वारा जांच के बाद, इन कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति सक्षम अधिकारी को देनी है।
- अभियोजन स्वीकृति की मंजूरी के बिना, इन आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती।
- स्वीकृति मिल जाती है तो संबंधित कोर्ट में मामला आगे बढ़ाया जाएगा।

250 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों एक्शन : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध दर्शाते हुए राजकीय कार्य के निष्पादन में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई कर रही है। राजकीय सेवाओं में अनुशासन और ईमानदारी के लिए सर्वोपरि स्थान सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा गत पौने दो वर्ष में कुल 210 कार्मिकों के विरुद्ध विभिन्न अनुशासनात्मक कार्रवाइयां की गई हैं।

सीएम भजनलाल शर्मा का मानना है कि अधिकारी-कर्मचारी सरकार के शासन तंत्र की मुख्य धुरी हैं, जिनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। ऐसे में कार्मिक पूरे समर्पण भाव एवं सत्यनिष्ठा से काम करते हुए राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

98 कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति : राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में आपराधिक प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए अखिल भारतीय सेवा एवं राज्य सेवा के 66 अधिकारियों को निलंबित किया है। इसी प्रकार, आपराधिक प्रकरणों में दोष सिद्ध पाए जाने पर 6 अधिकारियों को बर्खास्त और 9 अधिकारियों के विरूद्ध आजीवन शत प्रतिशत पेंशन रोकने संबंधी कार्रवाई की है। राजकीय सेवाओं में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में ही 98 कार्मिकों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। वहीं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा-17ए के तहत कुल 31 प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

राज्य में अभियोजन स्वीकृति में देरी को लेकर कानूनी हलकों में भी सवाल उठ रहे हैं। इस विषय पर वरिष्ठ अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी, जो इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में भी पैरवी कर रहे हैं, ने कहा कि “हर चुनाव से पहले राजनीतिक दल भ्रष्टाचार मिटाने के वादे करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।”

भंडारी के अनुसार, ACB की जांच के बाद मुकदमा चलाने की अनुमति उसी अधिकारी से ली जाती है जो आरोपी को उसके पद से हटाने का अधिकार रखता है। यदि यह स्वीकृति नहीं दी जाती, तो कानूनी कार्रवाई ठहर जाती है। अधिकारी चाहे तो अभियोजन की अनुमति दे सकता है या अस्वीकार भी कर सकता है। अनुमति मिलने के बाद ही मामला अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में सरकारी स्वीकृति के अभाव के कारण अधिकांश प्रकरण अधर में लटके हुए हैं। भंडारी का कहना है कि सरकार ने कुछ मामलों में कड़ा रुख अपनाया है, परंतु लंबित मामलों की संख्या यह दर्शाती है कि “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अभी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरी है।”

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

मेसी इवेंट में मची अफरा-तफरी के बाद बड़ा फैसला, बंगाल के खेल मंत्री ने छोड़ा पद; CM ममता को लिखे पत्र में कही ये बात
मेसी इवेंट में मची अफरा-तफरी के बाद बड़ा फैसला, बंगाल के खेल मंत्री ने छोड़ा पद; CM ममता को लिखे पत्र में कही ये बात
'मोदी जी को दो चीजों से पक्की नफरत है', मनरेगा का नाम बदलने पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
'मोदी जी को दो चीजों से पक्की नफरत है', मनरेगा का नाम बदलने पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने पर मचा बवाल, पाकिस्तान से भी आई तीखी प्रतिक्रिया; जानिए पूरा मामला
नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने पर मचा बवाल, पाकिस्तान से भी आई तीखी प्रतिक्रिया; जानिए पूरा मामला
पश्चिम बंगाल में 58 लाख और राजस्थान में 42 लाख नाम हटे, SIR के बाद चुनाव आयोग ने जारी की नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
पश्चिम बंगाल में 58 लाख और राजस्थान में 42 लाख नाम हटे, SIR के बाद चुनाव आयोग ने जारी की नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
कांग्रेस सांसद अपनी बनाई इलेक्ट्रिक बाइक से पहुंचे संसद, बाइक पर लिखा था ‘RG’
कांग्रेस सांसद अपनी बनाई इलेक्ट्रिक बाइक से पहुंचे संसद, बाइक पर लिखा था ‘RG’
सुप्रिया सुले के बयान से उलझी सियासत, क्या ईवीएम पर स्टैंड बदलकर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया?
सुप्रिया सुले के बयान से उलझी सियासत, क्या ईवीएम पर स्टैंड बदलकर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया?
बढ़ते एयर पॉल्यूशन में कौन-सा मास्क है सबसे कारगर? यहां जानिए जरूरी जानकारी
बढ़ते एयर पॉल्यूशन में कौन-सा मास्क है सबसे कारगर? यहां जानिए जरूरी जानकारी
प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी कर रही है परेशान? इन पौष्टिक सीड्स से मिलेगा जबरदस्त फायदा
प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी कर रही है परेशान? इन पौष्टिक सीड्स से मिलेगा जबरदस्त फायदा
यूपी में दिल दहला देने वाली वारदात, प्रेमी से मिलने आई युवती की गला काटकर हत्या, परिवार के सभी सदस्य फरार
यूपी में दिल दहला देने वाली वारदात, प्रेमी से मिलने आई युवती की गला काटकर हत्या, परिवार के सभी सदस्य फरार
धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना क्यों जरूरी है? जानिए इसके अहम फायदे और सही तरीका
धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना क्यों जरूरी है? जानिए इसके अहम फायदे और सही तरीका
Haq OTT Release: इमरान हाशमी और यामी गौतम की 'हक' का डिजिटल डेब्यू तय! जानें कब और कहां देख सकेंगे यह कोर्टरूम ड्रामा
Haq OTT Release: इमरान हाशमी और यामी गौतम की 'हक' का डिजिटल डेब्यू तय! जानें कब और कहां देख सकेंगे यह कोर्टरूम ड्रामा
दिल्ली–आगरा एक्सप्रेसवे पर कोहरे का कहर, 7  बसें आपस में भिड़ीं, कई में लगी आग, 4 की मौत, इलाके में हड़कंप
दिल्ली–आगरा एक्सप्रेसवे पर कोहरे का कहर, 7 बसें आपस में भिड़ीं, कई में लगी आग, 4 की मौत, इलाके में हड़कंप
Year Ender 2025: इस साल भारत में लॉन्च हुए ये प्रमुख फोल्डेबल फोन, जानें फीचर्स और कीमत
Year Ender 2025: इस साल भारत में लॉन्च हुए ये प्रमुख फोल्डेबल फोन, जानें फीचर्स और कीमत
धुरंधर: रणवीर सिंह की फिल्म ने वर्ल्डवाइड मचाया तहलका, जल्द छुएगी 600 करोड़ का आंकड़ा
धुरंधर: रणवीर सिंह की फिल्म ने वर्ल्डवाइड मचाया तहलका, जल्द छुएगी 600 करोड़ का आंकड़ा