
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का नकली खाद और बीज के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। बीते कुछ महीनों से वे राज्य के अलग-अलग जिलों में दबिश देकर मिलावटखोरों पर शिकंजा कस रहे हैं। रविवार, 28 सितंबर को उनकी टीम ने बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में छापे मारे, जिसमें भारी मात्रा में नकली खाद और बीज बरामद हुए।
बीकानेर में देर रात छापा
रविवार रात कृषि मंत्री ने गजनेर थाना क्षेत्र के गंगापुरा इलाके में दो जगह दबिश दी। यहां एक बड़े गोदाम से करीब 24 हजार बैग नकली डीएपी खाद, बीज और कच्चा माल ज़ब्त किया गया। मंत्री मीणा ने बताया कि इस गोदाम का सुराग कुछ समय पहले पदमपुर में नकली खाद की बरामदगी के दौरान मिला था। जांच में पता चला कि यह धंधा गुजरात के दो लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि इस गोदाम से मिला डीएपी खाद वही है, जो कुछ महीने पहले किशनगढ़ में पकड़ा गया था। तब वहां 16 नकली फैक्ट्रियों को बंद करवाया गया था। लेकिन कारोबारियों ने अपना नेटवर्क बदलकर बीकानेर और श्रीगंगानगर से यह धंधा शुरू कर दिया।
किसानों की जमीन हो रही बर्बाद
किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि इन खादों में खतरनाक केमिकल मिलाए जाते हैं, जो धीरे-धीरे किसानों की जमीन को बंजर बना रहे हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जांच तेज करने और दोषी पाए जाने पर कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए।
श्रीगंगानगर में औचक निरीक्षण
बीकानेर की कार्रवाई से पहले किरोड़ी मीणा श्रीगंगानगर के घड़साना पहुंचे, जहां उन्होंने दीपक बायोसीड्स कंपनी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां ग्वार, मूंग, गेहूं और सरसों के बीज की पैकिंग चल रही थी।
लेकिन जब मंत्री ने कंपनी से बीज उत्पादन का विवरण, किसानों की सूची और आरएनडी (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) से जुड़े कागजात मांगे तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर कृषि मंत्री ने तत्काल अधिकारियों को कंपनी की बीज बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
फिलहाल कृषि विभाग की टीम कंपनी के पिछले सालों के उत्पादन रिकॉर्ड, बीज के स्रोत और किसानों की सूचियों की गहन जांच कर रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो कंपनी पर नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।














