स्लीपर बस रास्ते में एक ट्रक से टकरा गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। बस में करीब 37 तीर्थयात्री सवार थे। आग और हादसे की चपेट में आने से आठ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम 21 अन्य लोग घायल हो गए। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है और मामले की जांच जारी है।
प्रशासन के मुताबिक हादसे में घायल हुए यात्रियों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान शुरुआती चरण में छह शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल घटनास्थल पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित स्वयं मौके पर मौजूद रहे और बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। अधिकारी दुर्घटना और आग लगने के कारणों की हर पहलू से जांच कर रहे हैं।
VIDEO | Rajasthan: Seven killed, many injured as bus rams into a truck, catching fire. Visuals from the location.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 1, 2026
(Source: Third Party) pic.twitter.com/aQsx0Pfh4u
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 3:30 बजे हुआ। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर एक खाली ट्रॉली मौजूद थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संभवतः ओवरटेक करने के प्रयास के दौरान बस और ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए।
जांच के शुरुआती चरण में यह आशंका भी सामने आई है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की विस्तार से जांच की जा रही है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बस की डिक्की में सिगरेट के कई बॉक्स रखे हुए थे, जिसकी वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस हंस ट्रेवल्स की बताई जा रही है। भीषण आग की वजह से बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई और उसका ढांचा कबाड़ में तब्दील हो गया। आग इतनी विकराल थी कि दमकल कर्मियों को उस पर पूरी तरह काबू पाने में करीब तीन घंटे का समय लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।














