
राजस्थान विधानसभा में ज़बरन धर्मांतरण रोकने के लिए पारित बिल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर करारा प्रहार किया है। सीएम का कहना है कि उन्हें पहले से ही यह आशंका थी कि कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करने के लिए हर संभव रास्ता अपनाएगी। उनके मुताबिक, कांग्रेस लंबे समय से धर्मांतरण को बढ़ावा देकर तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और सत्ता में बने रहने के लिए यही उसकी रणनीति रही है।
आदिवासी बेल्ट और मेवात पर विशेष ज़िक्र
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों और मेवात क्षेत्र में वर्षों से धर्मांतरण का खेल चल रहा था। लेकिन अब इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि इस अवैध गतिविधि में शामिल लोग यदि समय रहते नहीं सुधरे तो उन्हें जेल में डालने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।
"हिंदू संस्कृति की रक्षा होगी"
भजनलाल शर्मा ने दोहराया कि उनके रहते किसी भी कीमत पर हिंदू धर्म की जड़ों को हिलने नहीं दिया जाएगा। अब तक जो ग़लत काम दशकों से बिना रोक-टोक जारी था, वह अब राजस्थान की धरती पर असंभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नया कानून उन संस्थाओं और संगठनों पर गहरी चोट करेगा, जो मजबूरी या छल से धर्मांतरण कराने में संलिप्त रहे हैं।
सख्त सज़ा और बुलडोज़र कार्रवाई
विधानसभा में पारित इस बिल के तहत ऐसे दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें आजीवन कारावास, एक करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना और गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के घरों पर बुलडोज़र चलाने तक का प्रावधान शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कांग्रेस इस पूरे मसले पर चर्चा में शामिल होने से बचती रही, जबकि जनता की नज़रें उसके रुख पर टिकी थीं।














