
बागोड़ा-सांचोर मार्ग पर बने भारतमाला एक्सप्रेसवे पर शनिवार को एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया। टोल प्लाज़ा से कुछ दूरी पर अचानक चार वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियां करीब 20 फीट हवा में उछलकर पलट गईं। हादसे में दो फॉर्च्यूनर, एक ऑडी कार और एक पिकअप ट्रोला पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी की जान नहीं गई।
सड़क पर डाली गई गिट्टी बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के पीछे एक्सप्रेसवे पर बरती गई बड़ी लापरवाही जिम्मेदार है। सड़क के बीचोंबीच गिट्टी फैली हुई थी, लेकिन वहां न तो कोई साइन बोर्ड लगाया गया और न ही चेतावनी संकेत। तेज रफ्तार से आती गाड़ियां गिट्टी पर चढ़ गईं और नियंत्रण खो बैठीं। नतीजा यह हुआ कि एक के बाद एक वाहन भिड़ते चले गए और चार गाड़ियां एक साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गईं।
रखरखाव पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने हादसे के बाद नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी बोर्ड लगाए जाते तो यह टक्कर टाली जा सकती थी। लोगों ने NHAI पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतना बड़ा प्रोजेक्ट होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
यात्रियों में भय, प्रशासन पर दबाव
इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच भय का माहौल है। वहीं, क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं भारतमाला परियोजना के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार एजेंसियां भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाती हैं।














