
अलवर जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में दशहरा पर्व की उमंग एक पल में मातम में बदल गई। गांव मालपुर में आयोजित मेले के दौरान रावण दहन के मौके पर हुई भीड़भाड़ और शोरगुल के बीच एक दर्दनाक हादसा घट गया। गुरुवार (2 अक्टूबर) की शाम, खिलौने बेचने वाले यादराम के 6 वर्षीय बेटे देवकरण की जान डीजे वाहन के पहिए तले दब गई। परिवार और स्थानीय लोग जहां मेले की रौनक में शामिल थे, वहीं अचानक हुई इस त्रासदी ने सबको गहरे सदमे में डाल दिया। घायल बच्चे को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और फिर जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के मुताबिक, मेले में डीजे बजा रहा युवक टेंपो को पीछे कर रहा था। इस दौरान वह खुद डीजे की धुनों में मग्न होकर नाच भी रहा था। उसी वक्त वहां खेल रहे तीन छोटे बच्चे अचानक वाहन के पीछे आ गए। उनमें से दो बच्चे किसी तरह भागकर बच निकले, लेकिन देवकरण भाग नहीं सका और टेंपो का पहिया उसके ऊपर चढ़ गया।
भीड़ के शोर में दब गई मासूम की पुकार
घटना के बाद मासूम दर्द से चीखता रहा, लेकिन रावण दहन के दौरान उठते पटाखों और भीड़ के कोलाहल में उसकी आवाज सुनाई ही नहीं दी। आसपास मौजूद लोग कुछ समय तक स्थिति को समझ ही नहीं पाए। जब दो अन्य बच्चों ने आसपास के लोगों को इशारा किया, तब जाकर लोगों का ध्यान इस ओर गया।
काफी देर बाद भीड़ ने बच्चे को वाहन के नीचे से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पहले रामगढ़ के उप जिला अस्पताल, फिर अलवर जिला अस्पताल और अंत में जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में रेफर किया गया। हालांकि डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद देवकरण की जिंदगी नहीं बच पाई।
दशहरे के उत्सव पर छाया मातम
यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में जरा सी लापरवाही किस तरह मासूम जिंदगी छीन सकती है। एक ओर लोग रावण दहन की आतिशबाज़ी और संगीत में डूबे थे, वहीं दूसरी ओर एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं।














