
राजस्थान में सर्दियों की शुरुआत होते ही वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। राजधानी जयपुर के अलावा उत्तरी और मध्य राजस्थान के कई शहरों में हवा प्रदूषित बनी हुई है। बीते दिन की तुलना में कुछ शहरों में AQI में हल्की कमी आई है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक है। हाल ही में कोटा में AQI 302, जयपुर में 259, भिवाड़ी में 359, भीलवाड़ा में 246, श्रीगंगानगर में 256 और भरतपुर में 210 दर्ज किया गया था। हालांकि, कोटा में AQI अब 264 तक घट गया है। वहीं, भिवाड़ी में AQI 318 के साथ रेड जोन में पहुँच गया है। जयपुर में 263, भीलवाड़ा में 199, श्रीगंगानगर में 234, बीकानेर में 205 और टोंक में 296 AQI रिकॉर्ड किया गया है।
गिरते तापमान के बीच बढ़ा प्रदूषण का खतरा
नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 26 नवंबर के बीच जयपुर और आसपास के जिलों में तेज ठंडी हवाएं चलेंगी। इस दौरान रात का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे हवा और प्रदूषित हो सकती है।
प्रदूषण से स्वास्थ्य पर असर
राजस्थान में वायु प्रदूषण की स्थिति इस कदर गंभीर हो गई है कि सीकर में लोगों के बीमार होने की खबरें सामने आई हैं। शांति नगर औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के चलते कई लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई। प्रभावित लोगों में से कई ने एसके हॉस्पिटल का रुख किया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। कुल मिलाकर करीब 100 लोग सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं।














