कोटा : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कराए गए विशेष सर्वे के बाद यह सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए अब क्षेत्र में कुल 11 नए आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोग नया आधार बनवा सकेंगे और पुराने आधार में मौजूद गलतियों को भी आसानी से ठीक करा सकेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, वर्तमान में संचालित आधार केंद्रों के अतिरिक्त ये 11 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें कोटा जिले के 3 और बूंदी जिले के 8 केंद्र शामिल होंगे। इन केंद्रों पर नागरिक आधार नामांकन (एनरोलमेंट) के साथ-साथ दस्तावेजों में सुधार (करेक्शन) की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे।
कोटा और बूंदी में तय किए गए केंद्र
कोटा जिले में यह सुविधा जिला परिषद कार्यालय, लाडपुरा ब्लॉक के गंदीफली और मवासा ग्राम पंचायत भवनों में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं बूंदी जिले में बूंदी उप-पंजीयक कार्यालय, तहसील, केशवरायपाटन पंचायत समिति, नैनवां पंचायत समिति, धनेश्वर ग्राम पंचायत, तालेड़ा पंचायत समिति, उपखंड अधिकारी कार्यालय लाखेरी तथा हिंडोली पंचायत समिति स्थित सेवा केंद्रों पर आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर संचालित होंगे।
सर्वे में सामने आई बड़ी समस्याएं
स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर 11 नए आधार केंद्र शुरू करने का निर्णय पायलट प्रोजेक्ट के तहत किए गए सर्वे के आधार पर लिया गया है। इस सर्वे में यह स्पष्ट हुआ कि कई नागरिक केवल छोटे-छोटे दस्तावेजी त्रुटियों या आधार संबंधी गलतियों के कारण जन आधार, खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि और जमाबंदी संशोधन जैसी सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
दूरदराज की यात्रा और तकनीकी दिक्कतें बनी परेशानी
सर्वे में यह भी पाया गया कि सीमित आधार केंद्रों की वजह से लोगों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर वर्ग को आधार सुधार या नामांकन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से जिला मुख्यालयों तक जाना पड़ता था। कई मामलों में बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट (अंगूठे के निशान) मशीनों में सही तरीके से मैच नहीं हो पाते थे, जिससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।
इसी तरह दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिक महिलाओं को आधार केंद्रों तक पहुंचने के लिए अपनी पूरी दिन की मजदूरी छोड़नी पड़ती थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था।
योजनाओं के लाभ से जुड़ने में मिलेगी आसानी
नए आधार एनरोलमेंट और करेक्शन सेंटर शुरू होने के बाद नागरिकों को दस्तावेजों की समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। अब लोग आसानी से अपने आधार में सुधार करवा सकेंगे और जन आधार, खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि तथा जमाबंदी संशोधन जैसी सरकारी योजनाओं में अपना नाम दर्ज करवा पाएंगे। इस पहल से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच और अधिक सरल हो जाएगी।














