
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर धार्मिक आस्था और भक्ति का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ हर दिन हज़ारों भक्त बाबा श्याम के दरबार में पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने की प्रार्थना करते हैं। खासकर मंगला आरती के समय भक्तों की भीड़ सबसे अधिक रहती है। लेकिन सीकर में सर्दियों की बढ़ती ठंड को देखते हुए मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए आरती का समय संशोधित किया है।
खाटूश्यामजी मंदिर में पांच बार होती है आरती
खाटूश्यामजी मंदिर में प्रतिदिन पाँच प्रमुख आरती होती हैं। इनमें मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती शामिल हैं। विशेष रूप से श्रृंगार और संध्या आरती बहुत ही लोकप्रिय हैं, क्योंकि इस दौरान बाबा श्याम का श्रृंगार बदलता है और भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। मंदिर समिति ने मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष से पौष कृष्ण पक्ष की शुरुआत के मद्देनजर आरती के समय में बदलाव की घोषणा की है।
बाबा श्याम की नई आरती का समय
अब सर्दियों में बाबा श्याम के दर्शन मंगला आरती से सुबह 5:30 बजे शुरू होंगे। पहले यह समय गर्मियों में सुबह 4:30 बजे था। अन्य आरतियों का समय निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:
सुबह श्रृंगार आरती: 8:00 बजे
भोग आरती: 12:30 बजे
संध्या आरती: 6:30 बजे
शयन आरती: रात 9:00 बजे
मंदिर समिति ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे अपने सुविधानुसार मंदिर आएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस बदलाव के साथ अब श्याम भक्त ठंड के मौसम में भी आराम से दर्शन कर सकेंगे।














