
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से नशे के अवैध कारोबार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स यूनिट ने नांद का बास क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाई-प्रोफाइल ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। शुरुआती जांच में इस फैक्ट्री से जुड़े कारोबार की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई केवल एक ठिकाने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है।
मुख्य आरोपी गिरफ्त में, पुराने काले कारोबार की परतें खुलीं
इस मामले में पुलिस ने अनिल सिहाग को गिरफ्तार किया है, जो एक पूर्व सरपंच का भतीजा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि अनिल पहले बसों और निजी वाहनों के जरिए डोडा पोस्त की तस्करी करता था। धीरे-धीरे आसान मुनाफे के लालच ने उसे बड़े और खतरनाक नशे के कारोबार की ओर धकेल दिया। पुलिस के अनुसार, अनिल को सीकर में ड्रग्स की सप्लाई के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम पहले से नजर बनाए हुए थी।
मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही थी ड्रग फैक्ट्री
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। अनिल ने बताया कि उसने करीब 15 से 20 दिन पहले ही एमडी ड्रग्स तैयार करने की फैक्ट्री शुरू की थी। हैरानी की बात यह है कि यह फैक्ट्री एक मुर्गी फार्म के भीतर बेहद चालाकी से छिपाकर चलाई जा रही थी, ताकि किसी को शक न हो। आसपास के लोग इसे सामान्य पोल्ट्री फार्म समझते रहे, जबकि अंदर नशे का जहर तैयार किया जा रहा था।
साथी की भूमिका और नेटवर्क का विस्तार
अनिल ने यह भी कबूला कि उसे इस बड़े कारोबार में उतरने की सलाह उसके एक साथी ने दी थी। इस साथी का नाम बिज्जू उर्फ जग्गा बताया गया है, जो सीकर जिले के नेतड़वास गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, जग्गा ने न केवल अनिल को ड्रग मैन्युफैक्चरिंग की तकनीक से जोड़ा, बल्कि उसे इस अवैध नेटवर्क का अहम हिस्सा भी बना दिया। इसी साझेदारी के चलते छोटे स्तर की सप्लाई धीरे-धीरे बड़े पैमाने के उत्पादन में बदल गई।
गुप्त ऑपरेशन और आगे की जांच
महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। पहले आरोपी की गतिविधियों की लगातार निगरानी की गई और फिर सही मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और बिज्जू उर्फ जग्गा समेत अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि यह ड्रग्स नेटवर्क राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक फैला हो सकता है। इस खुलासे के बाद इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि उनके आसपास इतने बड़े स्तर पर नशे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से ड्रग्स माफिया की कमर टूटेगी और आगे कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।














