
राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में स्थित सबसे बड़ा जलस्रोत जवाई बांध शनिवार को तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण खोला गया। सुरक्षा उपायों के तहत बांध के सात गेट खोल दिए गए, जिनसे करीब 22 फीट पानी छोड़ा गया। इसके चलते जवाई नदी का प्रवाह तेज हो गया है। स्थिति को गंभीर देखते हुए जालोर जिला प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के कई गांवों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
जिला कलेक्टर प्रदीप के. गवाड़े और मुख्य सचेतक एवं मंत्री जोगेश्वर गर्ग ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि आमजन सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी या नालों के नजदीक न जाए और सुरक्षित दूरी बनाए रखे।
लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता
सुबह से ही क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने भी आने वाले घंटों में और तेज वर्षा की संभावना जताई है। बांध से छोड़े गए पानी के साथ-साथ स्थानीय बरसाती नदियों का जल भी जवाई नदी में मिल रहा है, जिससे बहाव और तेज हो सकता है। इस कारण निचले इलाकों में बसे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
किन गांवों को किया गया अलर्ट?
प्रशासन ने उन गांवों के नाम भी स्पष्ट किए हैं जहां खतरा ज्यादा है। इनमें शामिल हैं —
रसियावास, आहोर, सेदरिया, पचावना, अगवरी, गुड़ा बलोतान, गंगावा, दयालपुरा, चरली, साकाड़ी, सजाना, उम्मेदाबाद, सरल, ओडवाड़ा, सायला, रेवल, तुरा, आसना, बोरवाड़ा, वामन, घुमाडिया, पान्ता, मोरसीया, नातीवाली, वामल, इवाड़ा, हेमा गुडा, गोसाना, चितलावा, जूनीबाली, गलीफा, टाम्बी और आगरी।
इन सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को चौकसी बरतने के लिए कहा गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों और राहतकर्मियों को सक्रिय कर दिया है। नदी किनारे बस्तियों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल प्रशासनिक निर्देशों पर भरोसा करें।














