
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आग लगने की भीषण घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपना तयशुदा दिल्ली दौरा तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था, जिसमें कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकें और विकास परियोजनाओं को लेकर चर्चाएं तय थीं। लेकिन अस्पताल में हुई इस हृदयविदारक घटना को देखते हुए सीएम ने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और जयपुर में ही रहकर हालात की निगरानी करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि घायलों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरी घटना की हर स्तर पर गहन जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी दुर्घटना दोबारा न हो सके।
रात ढाई बजे पहुंचे सीएम, लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की जानकारी मिलते ही संवेदनशीलता दिखाते हुए देर रात करीब ढाई बजे स्वयं एसएमएस अस्पताल पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर के उस आईसीयू वार्ड का दौरा किया, जहां आग भड़की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन से घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों का नि:शुल्क और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाए। इस हादसे के कारणों की गहराई से जांच करने के लिए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 6, 2025
अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा…
समिति में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं —
मुकेश कुमार मीणा, अतिरिक्त निदेशक (अस्पताल प्रशासन), राजमेस
चंदन सिंह मीणा, मुख्य अभियंता (राजमेस)
अजय माथुर, मुख्य अभियंता (विद्युत), लोक निर्माण विभाग (PWD)
आर.के. जैन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज
जयपुर नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी
यह समिति न केवल आग लगने के कारणों की पड़ताल करेगी बल्कि अस्पतालों में अग्निशमन और सुरक्षा मानकों की स्थिति का भी आकलन करेगी। समिति से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
सीएम का बयान — “हर जान की कीमत है, जिम्मेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, “यह एक मानवीय त्रासदी है। सरकार इस घटना के हर पहलू की गहराई से जांच करवाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हर नागरिक का जीवन अनमोल है, और यह हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इस दिशा में सरकार जल्द एक राज्यस्तरीय सुरक्षा समीक्षा अभियान शुरू करेगी।
सरकार की प्राथमिकता — सुरक्षा और जवाबदेही
यह आगजनी न केवल एक दर्दनाक हादसा है बल्कि स्वास्थ्य तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। सरकार अब पूरे प्रदेश के अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और विद्युत प्रणाली की जांच कराने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि “इस हादसे से सबक लेते हुए हमें सिस्टम को और मजबूत बनाना होगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”














