
राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमू इलाके में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब एक मस्जिद के बाहर रखे पत्थरों और रेलिंग को हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हिंसा में बदल गया। देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि उग्र भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया।
जयपुर पश्चिम के डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चौमू में स्थित एक कलंदरी मस्जिद के आसपास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। उनके अनुसार, एक पक्ष ने पहले स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने लोहे के एंगल और अन्य सामग्री लगाकर उसे फिर से स्थायी रूप देने की कोशिश की। जब प्रशासन की ओर से इन संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। डीसीपी ने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है।
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Security forces were deployed after a stone pelting incident in Chomu.
— ANI (@ANI) December 26, 2025
DCP West, Jaipur, Hanuman Prasad Meena says, "There is a Kalandari Mosque here where a dispute over encroachment had been ongoing for quite some time. One party voluntarily… pic.twitter.com/Ag8VkRbAA7
पथराव में घायल हुए छह पुलिसकर्मी
हालात काबू में करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ के आक्रोश ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पर अचानक हुए पथराव में छह जवानों के सिर फूट गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।
दस पत्थरबाज हिरासत में
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर पथराव और हिंसा भड़काने का आरोप है। चौमू क्षेत्र में भारी पुलिस जाप्ता तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
आधी रात को भड़की हिंसा
जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौमू बस स्टैंड के पास स्थित मस्जिद के बाहर पत्थर हटाने को लेकर यह विवाद 25 और 26 दिसंबर की दरमियानी रात करीब 3 बजे भड़का। अचानक तनाव बढ़ने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस का सहारा
भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया जा सका। प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी।
इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चौमू में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। 26 दिसंबर की सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर की सुबह 7 बजे तक इंटरनेट बंद रखने का आदेश जारी किया गया है, ताकि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें न फैलें और शांति व्यवस्था बनी रहे।
विवाद की जड़ क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित धार्मिक स्थल के पास सड़क किनारे करीब 45 वर्षों से पत्थर रखे हुए थे। चौमू में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से प्रशासन इन पत्थरों को हटाने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान इलाके में तनाव की स्थिति बनने लगी।
प्रशासन ने पहले ही दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर सहमति बनाई थी, जिसके बाद पत्थर हटाने का काम शुरू किया गया। यह कार्य लगभग पूरा भी हो चुका था। हालांकि, जैसे ही वहां रेलिंग लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। यही विरोध धीरे-धीरे उग्र हो गया और हिंसा में तब्दील हो गया।














