
जयपुर: एटीएम कार्ड बदलकर आम लोगों को चूना लगाने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को दबोचते हुए उनके पास से 147 एटीएम कार्ड, बिना नंबर प्लेट की एक कार और 49 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इनकी ठगी का नेटवर्क केवल जयपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि हरियाणा और दिल्ली में भी इन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह एटीएम बूथों के आसपास सक्रिय रहता था और मौका देखकर भोले-भाले ग्राहकों को अपने जाल में फंसाता था। बातचीत के दौरान ध्यान भटकाकर ये लोग कार्ड बदल लेते और फिर कुछ ही समय में खातों से बड़ी रकम निकाल लेते थे।
उत्तर जयपुर डीसीपी करण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद तौफीक खान निवासी सिरोली (हरियाणा) और मौसिम खान उर्फ कासिम निवासी अमीनाबाद (हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त थे और लगातार शहर बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।
बातों में उलझाकर 1.53 लाख की ठगी: इस मामले की शुरुआत सुभाष चौक थाने में दर्ज एक शिकायत से हुई। परिवादिया राखी दास ने 15 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है और 3 दिसंबर को वह सुभाष चौक स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से पैसे निकालने गई थीं। 40 हजार रुपये निकालने के बाद वहां दो युवक आए और उनसे बातचीत शुरू कर दी। कार्ड चालू नहीं होने का बहाना बनाकर उन्होंने पिन डालने और स्लिप निकालने को कहा। इसी दौरान चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया गया। इसके बाद महज चार दिनों के भीतर उनके खाते से कुल 1 लाख 53 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पहले से दर्ज हैं कई मामले: डीसीपी ने बताया कि वारदात के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थानाधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर टीम ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मोहम्मद तौफीक खान के खिलाफ पहले से ही भिवाड़ी (हरियाणा), जयपुर के रामगंज, बगरू, चंदवाजी, भट्टा बस्ती और सुभाष चौक थानों में छह मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अब बरामद 147 एटीएम कार्डों के जरिए अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े और कितने लोग सक्रिय हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम बूथ में किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपने पिन व कार्ड की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।














