जयपुर में ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) के दौरान परीक्षा केंद्र पर बिजली व्यवस्था बाधित होने का मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सत्य साईं पीजी कॉलेज में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के बीच बिजली चली गई और कंप्यूटर सिस्टम लंबे समय तक बंद रहे। परीक्षा का समय पूरा होने के बाद भी उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिए जाने से नाराज 200 से अधिक परीक्षार्थियों ने केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद चली गई बिजली
AIAPGET की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने के लगभग 20 से 25 मिनट बाद, यानी करीब 10:20 से 10:25 बजे के बीच बिजली चली गई। इसके बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए।
छात्रों का कहना है कि बिजली जाने के बाद परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पावर बैकअप या जनरेटर उपलब्ध नहीं था। इस वजह से परीक्षा के दौरान उन्हें लंबे समय तक कंप्यूटर सिस्टम शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
दो घंटे की परीक्षा में सिर्फ 15 मिनट बिजली मिलने का दावा
परीक्षार्थियों ने दावा किया कि दो घंटे की निर्धारित परीक्षा अवधि में उन्हें कुल मिलाकर लगभग 15 मिनट ही बिजली उपलब्ध हुई। उनका आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के बाद सिस्टम बंद रहने के कारण वे निर्धारित समय में अपना पेपर पूरा नहीं कर सके।
छात्रों के मुताबिक, दोपहर 12 बजे परीक्षा का निर्धारित समय खत्म होने के बाद केंद्र पर जनरेटर पहुंचा। इसके बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि बिजली की समस्या के कारण प्रभावित हुए समय की भरपाई के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समय पूरा होने पर बाहर निकाले जाने का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा बाधित होने के बावजूद निर्धारित समय समाप्त होने की बात कहकर उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने केंद्र के बाहर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक भी दिखाई दिए। छात्रों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान पर्याप्त समय नहीं मिलने से उनमें मानसिक तनाव की स्थिति बनी। इसी दौरान तीन छात्राओं के बेहोश होने की बात भी सामने आई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
री-एग्जाम की मांग
प्रभावित परीक्षार्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा केंद्र प्रबंधन तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा में आई तकनीकी और बिजली संबंधी बाधा की जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अभ्यर्थियों ने प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई है। उनका तर्क है कि जब परीक्षा के दौरान बिजली जाने से कंप्यूटर सिस्टम बंद रहे, तो उस अवधि में परीक्षा न दे पाने वाले छात्रों को अतिरिक्त समय मिलना चाहिए था।
फिलहाल इस मामले में NTA और परीक्षा केंद्र प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














