
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को राज्य सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीब को गणेश मानकर स्वयं को जनता का सेवक समझते हुए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का नैतिक दायित्व है कि वह अपने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड सीधे जनता के सामने रखे। उन्होंने बताया कि सरकार ने बिना किसी क्षेत्रीय या राजनीतिक भेदभाव के प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों के लिए बजट का प्रावधान किया है। साथ ही, विकास रथ के माध्यम से हर विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा आमजन तक पहुंचाया जा रहा है।
सुशासन और जनकल्याण को लेकर लिए गए ऐतिहासिक फैसले
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास को लेकर कई ऐसे फैसले किए हैं, जो न केवल ऐतिहासिक हैं, बल्कि एक समृद्ध और विकसित राजस्थान की मजबूत नींव भी रखते हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु किसान, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग रहे हैं। इन सभी वर्गों के उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए गए हैं, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
612 करोड़ से अधिक के कार्यों का शिलान्यास, 107 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास को नई गति देते हुए 612 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 107 करोड़ रुपये से अधिक के पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बीकानेर की जिला विकास पुस्तिका का विमोचन किया। इसके अलावा ग्रामीण सेवा शिविरों की सफलता पर आधारित पुस्तिका और ‘शहरी सेवा शिविर–2025’ पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।














