
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान में आई तेज गिरावट ने आम लोगों के लिए सुबह की दिनचर्या को कठिन बना दिया है। सुबह का घना कोहरा और धुंध ने सड़क पर आवागमन को मुश्किल कर दिया है, वहीं प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक सीमा को पार कर गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ठंड का प्रभाव जारी है।
बीकानेर संभाग में कोहरे का कहर
बीकानेर संभाग के इलाकों में बुधवार की सुबह घना कोहरा रहा, जिससे दृश्यता अत्यंत कम हो गई। नागौर में मंगलवार रात तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं, सीकर के फतेहपुर में 3.8 डिग्री और सीकर शहर में 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह तेज गिरावट जनजीवन पर सीधे असर डाल रही है। लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। किसान खेतों में काम करने में परेशान हैं और बच्चों को स्कूल जाने में मुश्किल हो रही है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अगले दो-तीन दिन मौसम शुष्क रहेगा, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
सीमावर्ती जिलों में घना कोहरा जारी
पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसे जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर में भी घना कोहरा बना हुआ है। तापमान सामान्य स्तर के करीब है, लेकिन कोहरे के कारण वाहन चालकों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 17 दिसंबर को भी कई जगहों पर मध्यम से घना कोहरा रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन-चार दिन मौसम शुष्क रहेगा और कोहरे की समस्या बनी रहेगी। हालांकि, 18 से 22 दिसंबर के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं। इससे न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
जयपुर में ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार
ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण ने भी अपना असर दिखाया है। जयपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुँच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना गया है। बुधवार रात 10 बजे शहर का औसत AQI 201 दर्ज किया गया। अलग-अलग इलाकों में यह और भी अधिक गंभीर है।
गोपालबाड़ी: 264
चित्रकूट: 211
आदर्श नगर: 201
अग्रसेन हाउसिंग सोसायटी: 195
पुलिस कमिश्नरेट के पास: 191
शास्त्री नगर: 191
सुभाष कॉलोनी: 201
विद्याधर नगर: 165
डॉक्टरों की सलाह है कि बुजुर्ग और बच्चे बाहर कम निकलें, मास्क पहनें और व्यायाम से बचें। ठंडी हवाओं ने प्रदूषण को नीचे दबा रखा है, जिससे सांस लेना भी कठिन हो गया है।
राजस्थान में फिलहाल ठंड और कोहरे का प्रभाव जारी है और लोगों को अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।














