
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सतीरामपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। गांव के सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा हिना ने घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना ने पूरे गांव को शोक और सदमे में डूबा दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन आत्महत्या के कारणों पर अब तक से पर्दा नहीं उठ सका है।
सुबह गई थी स्कूल, दोपहर में हो गया हादसा
मंगलवार की सुबह हिना रोज़ की तरह पढ़ाई के लिए स्कूल गई थी। दोपहर करीब 1 बजे वह घर लौटी। मां कांति मनात के साथ उसने खाना खाया और फिर कमरे में जाकर आराम करने चली गई। इस बीच उसकी मां खेतों में काम करने चली गईं। जब कुछ देर बाद मां वापस लौटीं तो सामने का नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए—कमरे के भीतर हिना रस्सी के फंदे पर लटक रही थी।
मां की चीख सुनकर दौड़े लोग
कांति की चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने हिना को फंदे से उतारकर तुरंत डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैसे ही गांव में इस घटना की खबर फैली, चारों ओर गहरा सन्नाटा छा गया। हिना अपने परिवार की सबसे छोटी बेटी थी। पिता कांति मनात के चार बच्चों में तीन बेटियां और एक बेटा हैं। परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि हिना पढ़ाई में तेज-तर्रार थी और हमेशा अच्छे अंक लाती थी। उसकी अचानक मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर रही है ताकि आत्महत्या की असली वजह सामने आ सके।














