
अलवर: राजस्थान के भिवाड़ी में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी अंकित शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के बैंक खातों को कमीशन पर साइबर अपराधियों को उपलब्ध करवा रहा था। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज़, नकदी और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हुई है।
122 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा
भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से आरोपी अंकित शर्मा के खिलाफ 183 शिकायतें दर्ज थीं। इनकी जांच में 122 करोड़ 21 लाख 59 हजार 57 रुपये की ठगी का खुलासा हुआ। आरोपी अंकित लोगों से कमीशन लेकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक इकट्ठा करता था और उन्हें साइबर ठगों को ठगी के लिए देता था। इन खातों के माध्यम से पूरे देश में ठगी की राशि ट्रांसफर की जाती थी। आरोपी ने कई फर्जी कंपनियों और नामों से बैंक में करेंट अकाउंट खुलवाए थे, ताकि ठगी की रकम को आसानी से घुमाया जा सके।
आरोपी के पास से बरामद सामग्रियां
अंकित शर्मा के ठिकानों की तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज़, 38 चेकबुक, 20 एटीएम कार्ड, 8 क्यूआर कोड, 9 मोबाइल फोन, 1 स्वाइप मशीन और 2.50 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा आरोपी के पास से डिजिटल एविडेंस भी मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
पहले गिरफ्तार हुए दो अन्य आरोपी
एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि पहले राशिद और अजमत नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनके बैंक खातों पर 96 शिकायतें और लगभग 61 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मामले दर्ज हैं। ये दोनों आरोपी अंकित शर्मा के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और तीनों मिलकर खाता ट्रांसफर रैकेट चला रहे थे। यह रैकेट देशभर में फैले साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंकिंग माध्यम उपलब्ध कराता था।
कमीशन प्रणाली का खुलासा
अनुसंधान में यह सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान और पते के आधार पर बैंक खाते खुलवाता था। हर ट्रांजैक्शन पर खाताधारक को लगभग साढ़े तीन प्रतिशत कमीशन मिलता था।
280 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई, 183 आरोपी गिरफ्तार
अलवर पुलिस ने जिले में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर अपराधियों पर शिकंजा कसा। इस अभियान के तहत 76 पुलिस टीमों ने 280 ठिकानों पर छापेमारी की और 183 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें साइबर ठग, हार्डकोर अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, भगोड़े और वांछित अपराधी शामिल थे।
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। इसके बाद एडिशनल एसपी, सीओ और थाना अधिकारियों ने मिलकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया और जिले से 183 अपराधियों को पकड़कर कानून के हवाले किया।














