
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बांसवाड़ा पहुंचे तो उनका अंदाज़ सामान्य से अलग दिखाई दिया। माही-बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में उनकी एंट्री से लेकर मंच पर उनकी मौजूदगी तक हर पल ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी। आमतौर पर मोदी इस तरह के आयोजनों में खुली गाड़ी से अकेले या केवल मुख्यमंत्री के साथ नजर आते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई थी। उनके साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलावा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और दोनों उपमुख्यमंत्री – दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद थे।
मंच पर वसुंधरा राजे संग लंबी बातचीत
कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि मंच पर नेताओं का अभिवादन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से करीब आधा मिनट तक बातचीत की। यही नहीं, अपने संबोधन में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक तौर पर वसुंधरा को “बहन” कहकर संबोधित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को “लोकप्रिय सीएम” कहने वाले उनके शब्दों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
भाजपा में एकजुटता का संदेश
राजस्थान की राजनीति में इन तस्वीरों को अहम संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी का यह संदेश साफ है—भाजपा की अंदरूनी गुटबाज़ी को अब पूरी तरह खत्म होना चाहिए। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सभी नेता एकजुट होकर काम करें और भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार योजनाओं को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाए।
रिश्तों में आई गर्माहट?
कई वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी और वसुंधरा राजे के बीच खटास की खबरें सियासी हलकों में गूंजती रही हैं। लेकिन बांसवाड़ा की इन झलकियों ने इस धारणा को बदलने का काम किया है। माना जा रहा है कि वसुंधरा खुद भी रिश्तों को सुधारने के प्रयासों में जुटी हैं। यही वजह है कि अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में जब मंत्रिमंडल का विस्तार या नई राजनीतिक नियुक्तियां होंगी, तो वसुंधरा खेमे को भी विशेष महत्व मिल सकता है।














