
राजस्थान के अलवर ज़िले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत एक ऐसा सुनियोजित और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि प्रतिष्ठित बैंकों के कर्मचारी खुद साइबर अपराधियों के साथ मिले हुए थे और उन्होंने बड़ी संख्या में करंट और कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट्स को ऊंचे कमीशन पर साइबर ठगों को बेच दिया।
अलवर पुलिस द्वारा की गई जांच में पता चला कि यह गिरोह अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दे चुका है। इन अकाउंट्स के जरिए बेटिंग, गेमिंग फ्रॉड और क्रिप्टो लेन-देन जैसे अपराधों को अंजाम दिया गया। अकेले NCRP पोर्टल पर 4,000 से अधिक शिकायतें इन खातों के खिलाफ दर्ज की जा चुकी हैं।
अलवर के एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि हाल ही में पुलिस ने चार बैंक कर्मियों और एक मास्टरमाइंड सहित 6 नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड वरुण पटवा (गुरुग्राम निवासी) और सतीश कुमार जाट (हरियाणा निवासी) शामिल हैं। चारों बैंक कर्मचारी हरियाणा के हिसार में स्थित एक्सिस बैंक ब्रांच में कार्यरत हैं।
कैसे चलता था यह साइबर रैकेट?
गिरफ्तार बैंककर्मी, ग्राहकों को कुछ कमीशन का लालच देकर, फर्जी कंपनियों के नाम और दस्तावेजों के जरिए करंट अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों को फिर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर साइबर ठगों को बेच दिया जाता था। खातों से जुड़ा मोबाइल नंबर ठगों के पास भेजा जाता और उन्हें APK फाइल इंस्टॉल करवाई जाती थी, जिससे उन्हें OTP और इंटरनेट बैंकिंग की सीधी पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद इन खातों का उपयोग अपराध की कमाई को क्रिप्टो एक्सचेंज (जैसे Binance) के ज़रिए सफेद करने के लिए किया जाता।
पुलिस ने की बड़ी बरामदगी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹2.51 लाख नकद, 26 एटीएम कार्ड, 33 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, 12 चेकबुक, 6 पासबुक, 12 हस्ताक्षरयुक्त चेक, आधार व पैन कार्ड, पहचान पत्र, 2 कारें, रसीद बुक और मोहरें भी जब्त की हैं। इसके साथ ही लगभग ₹5 लाख की अपराध राशि को 10 अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज कर दिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में गठित SIT टीम इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके और इससे जुड़े अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।














