भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक चार मंजिला आवासीय इमारत के अचानक ढह जाने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में अभी भी सात से आठ लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। यह पूरी संरचना रात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे भरभराकर जमींदोज हो गई। नागरिक निकाय ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था और जब यह हादसा हुआ, उस समय वहां मरम्मत का काम चल रहा था।
स्थानीय लोगों की सतर्कता से बची कई जानें
इमारत में रहने वाले निवासियों ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे उन्हें इमारत से तेज तड़कने की आवाजें सुनाई दी थीं। इस असामान्य आवाज से सतर्क होकर स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और परिसर में रह रहे कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। हालांकि, जब कुछ निवासी बाहर निकलने की कोशिश कर ही रहे थे, तभी इमारत का बी विंग अचानक ढह गया, जिससे कुछ लोग उसकी चपेट में आ गए।
मलबे में जिंदगियों की तलाश और राहत कार्य
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक मलबे से तीन शवों को बाहर निकाला जा चुका है। इसके साथ ही एक घायल बच्चे को सुरक्षित बचाकर तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का मानना है कि मलबे के नीचे अब भी सात से आठ लोग फंसे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बचाव कार्य में जुटी कई एजेंसियां
घटनास्थल पर बड़े पैमाने
पर राहत और बचाव कार्य जारी है जिसमें कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे आपदा मोचन बल (टीडीआरएफ), स्थानीय
अग्निशमन दल और पुलिस की टीमें मलबे को हटाने और लोगों को बचाने के काम
में जुटी हुई हैं। राहत कार्य को गति देने के लिए खोजी कुत्तों के दस्ते,
चार दमकल गाड़ियों, दो एम्बुलेंस और भारी मिट्टी हटाने वाली मशीनों को
तैनात किया गया है। प्रशासन मलबे में दबे लोगों का पता लगाने और उन्हें
सकुशल बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।













