दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में गोवा पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत का शुरुआती कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है। ऐसे में पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, किसी व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था में लाए जाने पर मौत की परिस्थितियों का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पुलिस को सूचना देना जरूरी होता है। नाना पाटेकर के मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 75 वर्षीय अभिनेता को गोवा के डोना पाउला स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से बांबोलिम के मणिपाल अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया था। उस समय वह मृत अवस्था में थे। इसके बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया। मामले की आगे की जांच PSI नितिन नाइक की देखरेख में की जा रही है।
अस्पताल में मृत लाए जाने पर क्यों दर्ज होता है मामला?
नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज होने का अर्थ अपने आप में यह नहीं है कि उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई या किसी अपराध की आशंका की पुष्टि हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई अस्पताल में मृत अवस्था में लाए गए व्यक्ति की मौत से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। जब किसी व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन पुलिस को इसकी सूचना देता है। इसके बाद मामले की परिस्थितियों के अनुसार मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया जा सकता है और मौत के कारण का पता लगाने के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इसमें पोस्टमॉर्टम जैसी प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है। MLC यानी मेडिको-लीगल केस का उद्देश्य ऐसी स्थिति में मौत से संबंधित परिस्थितियों का आधिकारिक दस्तावेज तैयार करना होता है। केवल MLC दर्ज होने या अप्राकृतिक मृत्यु का मामला बनाए जाने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत किसी अपराध के कारण हुई है। नाना पाटेकर के मामले में भी पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की है।
कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा मौत का शुरुआती कारण
डॉक्टरों के मुताबिक, नाना पाटेकर की मौत का शुरुआती कारण कार्डियक अरेस्ट प्रतीत होता है। दी गई जानकारी के अनुसार, अभिनेता पहले से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उनकी दवाइयां चल रही थीं। हालांकि, शुरुआती चिकित्सकीय आकलन और मौत के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि के बीच अंतर होता है। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से संबंधित चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत के कारण के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, उपलब्ध विवरण में पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट के निष्कर्ष नहीं दिए गए हैं। इस मामले में पुलिस की जांच का उद्देश्य मौत से जुड़ी परिस्थितियों का रिकॉर्ड तैयार करना और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है। इसलिए अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज होने को मौत के कारण या किसी संभावित अपराध पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
गोवा: जाने-माने अभिनेता विश्वनाथ (नाना) गजानन पाटेकर की मौत के बाद पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 साल के एक्टर को डोना पाउला के ओशन पार्क स्थित उनके घर से बांबोलिम के मणिपाल हॉस्पिटल के कैजुअल्टी वार्ड में मृत अवस्था में लाया गया था। PSI नितिन नाइक की देखरेख में इस मामले की आगे की जांच चल रही है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 9, 2026
पुणे के डोंजे गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का गुरुवार को पुणे ग्रामीण के डोंजे गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोवा में 75 वर्ष की उम्र में निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव डोंजे लाया गया था। वहां पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। गोवा में निधन और उसके बाद पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बीच पुलिस ने मौत के मामले में कानूनी औपचारिकताएं भी शुरू कीं। अस्पताल में अभिनेता को मृत अवस्था में लाए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया और मौत के कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमॉर्टम कराया गया।
फिल्म इंडस्ट्री ने नाना पाटेकर को किया याद
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों, फिल्म निर्देशकों और उनके साथ काम कर चुके लोगों ने उन्हें याद किया। उनके अभिनय और विशिष्ट अंदाज का उल्लेख करते हुए लोगों ने कहा कि नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। एक ओर उनके निधन के बाद फिल्म जगत में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, वहीं दूसरी ओर गोवा में उनकी मौत से संबंधित औपचारिक कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है, जबकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच PSI नितिन नाइक की देखरेख में हो रही है।














