संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में रहा। समाजवादी पार्टी के सांसद चंदे की बोरी और पोस्टर लेकर संसद परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा सांसदों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर अब तक 1 लाख 57 हजार रुपये का चंदा जुटाया जा चुका है। पार्टी ने घोषणा की है कि सत्र समाप्त होने के बाद यह रकम कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में जमा कराई जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में भ्रष्टाचार अलग-अलग विभागों में गहराया है। डिंपल यादव ने यह भी कहा कि जो लोग सनातन और आस्था की बात करते थे, उन्हीं पर अब आस्था से जुड़े मामले में चोरी का आरोप लग रहा है।
चंदे की बोरी लेकर संसद पहुंची सपा
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में चंदे की बोरी के साथ प्रदर्शन किया। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर भी थे। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और चंदे के हिसाब-किताब में पारदर्शिता की मांग उठाई गई।
सपा नेताओं ने बताया कि राम मंदिर से जुड़े इस मुद्दे को लेकर संसद में अब तक 1.57 लाख रुपये एकत्र हुए हैं। पार्टी के अनुसार, सत्र समाप्त होने के अगले दिन इस राशि को कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में जमा कराया जाएगा।
विपक्षी सांसदों की मांग है कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा हो और चंदे से संबंधित पूरे हिसाब-किताब को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। सपा सांसद इससे पहले मंगलवार को भी संसद परिसर में दान पेटी लेकर पहुंचे थे और चंदा एकत्र किया था।
प्रदर्शन में लगाए गए 'चंदा चोर' के नारे
संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने सरकार के खिलाफ कई नारे लगाए। इनमें 'चंदा चोर' और 'दूध का दूध, पानी का पानी' जैसे नारे प्रमुख रहे। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले को संसद में उठाने की कोशिश की।
यह विरोध केवल सपा तक सीमित नहीं रहा है। इससे पहले भी विपक्ष के अलग-अलग नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन किया है।
साधु के वेश में संसद पहुंचे थे पप्पू यादव
31 जुलाई को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी इस मुद्दे पर संसद के बाहर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया था। वह साधु के वेश में दान पेटी लेकर संसद परिसर के बाहर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सांकेतिक तौर पर राम मंदिर में कथित घोटाले के मुद्दे को उठाया और लोगों से चढ़ावा एकत्र किया।
इस प्रदर्शन में विपक्ष के अन्य सांसद भी मौजूद थे। बताया गया कि राहुल गांधी ने भी दान पेटी में चढ़ावा डाला था, जबकि अन्य विपक्षी नेता पीछे खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन का वीडियो भी सामने आया था।
VHP ने भी जताया विरोध
वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने विपक्ष के इस तरह के प्रदर्शन के विरोध में अलग अभियान चलाने का फैसला किया है। संगठन के अनुसार, देशभर के करीब साढ़े तीन लाख गांवों में साधु-संतों को भेजा जाएगा। ये संत सांसद पप्पू यादव और विपक्षी नेताओं की ओर से किए गए प्रदर्शनों के बारे में लोगों को जानकारी देंगे।
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष लगातार संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की गतिविधियों के चलते विवाद और राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है।













