
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी राजेश खिमजी सकारिया ने वारदात से पहले अपनी योजना अपने पुराने दोस्त तहसीन सैयद उर्फ बापू से साझा की थी। गुजरात के राजकोट के रहने वाले तहसीन ने पुलिस के सामने यह बात स्वीकार की है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कबूला कि उसने राजेश को पैसों की मदद की थी।
राजेश से पुरानी जान-पहचान
जांच टीम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तहसीन ने शनिवार को दिल्ली पुलिस, आईबी और स्पेशल सेल के सामने खुलासा किया। तहसीन के अनुसार, वह राजेश को करीब दस साल से जानता था और उसके हिंसक स्वभाव से भी वाकिफ था। वारदात से दो दिन पहले सोमवार को राजेश ने उसे फोन किया और दिल्ली जाने की योजना बताई। साथ ही उसने तहसीन से पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन तहसीन ने सिर्फ दो हजार रुपये दिए।
हमले की नीयत का संकेत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान राजेश ने तहसीन से कहा था कि वह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कुत्तों से जुड़े मुद्दे पर मिलने जा रहा है। साथ ही उसने चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत कामयाब नहीं हुई तो वह हमला कर देगा। जब पुलिस ने तहसीन से पूछा कि उसने इस जानकारी को स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं बताया, तो तहसीन ने सफाई दी कि उसने राजेश की बात को मजाक समझकर गंभीरता से नहीं लिया।
फोन की जांच और नई पूछताछ
हालांकि, जांच एजेंसियां तहसीन की इस दलील को पूरी तरह मानने को तैयार नहीं हैं। इसी कारण उसके मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस राजेश से भी लगातार पूछताछ कर रही है, हालांकि अब तक कोई बड़ा नया खुलासा नहीं हुआ है। राजेश इस समय पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है। अधिकारियों ने बताया कि तहसीन को रविवार को भी फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
तहसीन और राजेश का आमना-सामना
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने तहसीन और राजेश का आमना-सामना भी कराया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात तहसीन को राजकोट से दिल्ली लाया गया, जबकि वहीं पर शुरुआती पूछताछ हो चुकी थी। पुलिस को यह भी पता चला है कि खिमजी ने तहसीन को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित आवास का वीडियो भेजा था। हमले से पहले दोनों लगातार संपर्क में थे। बता दें कि राजेश पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और उस पर पहले से ही पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
खिमजी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि राजेश खिमजी का अतीत बेहद खतरनाक रहा है। 2017, 2020 और 2022 में उस पर गुजरात मद्यनिषेध अधिनियम और दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुए। इतना ही नहीं, 2021 में उसे बंबई पुलिस अधिनियम की धारा 56 के तहत शहर से निर्वासित भी किया गया था।
वर्ष 2017 में उसने एक व्यक्ति पर तलवार से हमला कर सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई थी और फिर कपड़े धोने वाले बैट से भी पिटाई की थी। 2022 में पत्नी से झगड़े के बाद उसने खुद को ब्लेड से घायल कर लिया था, जिससे उसे नौ टांके आए। इसके अलावा खिमजी अवैध शराब की तस्करी में भी सक्रिय था।














