संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को परीक्षा, अयोध्या से जुड़े ‘चढ़ावा चोरी’ के आरोप और झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इन मुद्दों पर सदन में चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
इन घटनाक्रमों के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने परीक्षा और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को आपस में जोड़ते हुए दावा किया कि दोनों के पीछे एक ही स्रोत है। उन्होंने कहा कि इन दोनों विषयों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने दोनों मुद्दों को जोड़ा
अखिलेश यादव ने कहा कि परीक्षा और राम मंदिर से जुड़े मामले एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बिना रजिस्ट्रेशन और भूमिगत तरीके से अपनी गतिविधियां जारी रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, अगर शिक्षा और परीक्षा के माध्यम से कोई काम आगे नहीं बढ़ रहा है तो अयोध्या के जरिए ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने कथित फोन कॉल्स और छात्रों के डेटा से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में बड़ी संख्या में कॉल किए जाने की बात सामने आई है तो यह सवाल उठता है कि क्या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या आने वाले छात्रों और युवाओं का डेटा किसी नेटवर्क के माध्यम से जुटाए जाने की बात सामने आ रही है।
अखिलेश यादव ने सवाल किया कि भविष्य में इस डेटा का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने दोनों मामलों पर संसद में चर्चा की मांग की।
झारखंड के छात्रों से बातचीत पर जोर
झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बातचीत को समाधान का रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री और राज्य सरकार भी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है।
सपा सांसद डिंपल यादव ने भी संसद में दोनों मामलों को उठाने की मांग की। उन्होंने ‘चढ़ावा चोरी’ के आरोपों को भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय बताया और सदन में चर्चा की जरूरत बताई।
डिंपल यादव ने 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि एक RTI रिपोर्ट में करीब 10 बच्चों के पैलेट गन से घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि सरकार की ओर से पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया गया था। डिंपल ने कहा कि दोनों दावों में अंतर होने की स्थिति में सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
राम गोपाल यादव ने उठाया चढ़ावे का हिसाब
सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने ‘चढ़ावा चोरी’ के मामले को व्यापक महत्व वाला मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि विदेशों से बड़ी रकम भेजे जाने की बात सामने आई है, लेकिन उसका हिसाब स्पष्ट नहीं है।
राम गोपाल यादव ने सोना-चांदी और अन्य चढ़ावे के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामला लोगों की आस्था से जुड़ा है और विपक्ष इसे संसद में उठाना जारी रखेगा।
प्रियंका गांधी ने भाजपा सांसदों के प्रदर्शन पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में भाजपा सांसदों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार सत्ताधारी दल के सांसदों को खुद विरोध-प्रदर्शन करते देखा है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया।
कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की। उनके मुताबिक, झारखंड में छात्रों से जुड़े मामले पर सरकार की ओर से जवाब आना चाहिए।
गौरव गोगोई ने अमित शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा सांसदों के प्रदर्शन के साथ-साथ संसद में हुई पिछली चर्चाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर सदन में दो दिन चर्चा हुई थी और इस दौरान राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी ने अपनी बात रखी थी। गोगोई के अनुसार, सरकार की ओर से भी कई वक्तव्य दिए गए थे।
गोगोई ने सवाल किया कि उस चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में क्यों नहीं आए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष पिछले 15 दिनों से गृह मंत्री के सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब चर्चा हुई तब अमित शाह मौजूद नहीं थे और अब सदन के अंतिम समय में चर्चा की मांग की जा रही है। उन्होंने संसद को किसी एक पक्ष का मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने की जगह बताया।
पैलेट गन को लेकर जवाबदेही की मांग
गौरव गोगोई ने झारखंड में छात्रों पर कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि पैलेट गन चलाने का निर्देश किस स्तर से दिया गया और क्या इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों या उनके कार्यालय को थी।
गोगोई ने कहा कि यदि सरकार इस कार्रवाई की जिम्मेदारी स्वीकार करती है तो उसे जवाब देना चाहिए। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने के साथ इस्तीफे की मांग भी रखी।
इस तरह मानसून सत्र के दौरान परीक्षा, अयोध्या से जुड़े आरोप और झारखंड में छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक खींचतान बढ़ती नजर आई। विपक्ष इन मामलों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी संसद परिसर में विरोध दर्ज कराया गया।
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