राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज पुलिस निगरानी में चल रहा है। इस जघन्य घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और बच्ची के परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक वारदात सोमवार तड़के हुई थी। सुबह करीब 4:15 बजे आरोपी ने उस समय बच्ची का अपहरण कर लिया, जब वह अपने माता-पिता के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। परिवार को शुरू में अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में उनकी दुनिया उजड़ने वाली है।
सीसीटीवी और कैब नंबर से आरोपी तक पहुंची जांच
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने कई टीमों का गठन कर जांच शुरू कर दी। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची को एक कैब चालक अपने साथ ले गया था।
इसके बाद पुलिस ने संबंधित वाहन का नंबर ट्रेस किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित तौर पर अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के पास से बरामद किया।
सुनसान इलाके में ले जाकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बच्ची को महरौली थाना क्षेत्र के डेरा मंडी इलाके में स्थित एक सुनसान स्थान पर लेकर गया था। जांच में सामने आया कि वहीं पर उसने कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बच्ची का गला घोंटकर उसकी जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को घटनास्थल से हटाकर फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे फेंक दिया ताकि उस पर किसी का शक न जाए। हालांकि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों ने आरोपी तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
रिमांड के दौरान घटनास्थल पर लेकर गई थी पुलिस
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को अदालत में पेश किया गया था। अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद जांच टीम उसे उन स्थानों पर लेकर गई, जहां उसने कथित तौर पर अपराध को अंजाम दिया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से घटनाक्रम की पुष्टि करने और घटनास्थल का सत्यापन करने के लिए उसे डेरा मंडी इलाके में ले जाया गया था। जांच टीम वहां अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही थी।
अचानक पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश
इसी दौरान मंगलवार शाम करीब 8 बजे घटनास्थल पर एक अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी वासु, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की।
आरोप है कि उसने एक पुलिस इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वह अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करने लगा। आरोपी की इस हरकत से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
अधिकारियों के अनुसार आरोपी द्वारा की गई फायरिंग और भागने की कोशिश के बाद पुलिस ने उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा और आरोपी को काबू में करने के उद्देश्य से दो राउंड गोलियां चलाई गईं।
इस दौरान एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस टीम ने तुरंत उसे दोबारा हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल आरोपी का इलाज जारी है और अस्पताल में भी उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात की पूरी योजना क्या थी और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी किसी रूप में शामिल था।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा ताकि आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।













