राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार (30 अक्टूबर) रात एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा इतना गंभीर था कि फैक्ट्री की ऊपरी मंजिलों पर धुआं भर गया और वहां मौजूद लोग अंदर ही फंस गए। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। सभी को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो का इलाज जारी है। घटना मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक जूता निर्माण फैक्ट्री की है। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने और फैक्ट्री में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दमकल की करीब 20 गाड़ियां लगाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक, आग की सूचना शुक्रवार रात करीब 9:30 से 9:32 बजे के बीच मिली थी।
बेसमेंट में लगी आग, ऊपर की मंजिलों तक फैल गया धुआं
दमकल अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री के बेसमेंट में सबसे पहले आग लगी थी। दमकलकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को बेसमेंट तक ही सीमित रखने में सफलता हासिल की, लेकिन वहां से निकला घना धुआं इमारत की ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया।
धुएं की वजह से तीसरी और चौथी मंजिल पर मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। स्थिति ऐसी हो गई कि कई लोग बेहोश हो गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अग्निशमन अधिकारी एडीओ पारस कुमार के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल की सीढ़ियों से निकाला गया, जबकि पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से बाहर निकाला गया। सभी छह लोगों को तत्काल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। बाद में अस्पताल में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी रहा।
दमकल की 20 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
दिल्ली अग्निशमन सेवा को रात करीब 9:31-9:32 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की गाड़ियों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को निकालने का काम किया।
फायर अधिकारी पारस कुमार ने बताया कि यह फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थी, जहां जूते बनाने के साथ उनका भंडारण भी किया जाता था। आग बेसमेंट में लगी थी और दमकल टीम ने उसे वहीं नियंत्रित कर लिया। हालांकि, धुएं के कारण ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। 31 अक्टूबर की सुबह तक मिली जानकारी के मुताबिक, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया था और घटनास्थल पर कूलिंग की प्रक्रिया जारी थी। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा था कि इमारत के अंदर कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह गया हो।
फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया
बाहरी जिला के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके अलावा ठेकेदार और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के सामने एक अहम सवाल यह भी है कि हादसे के समय फैक्ट्री में कुल कितने मजदूर मौजूद थे। अधिकारियों के मुताबिक, अभी कर्मचारियों की वास्तविक संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और फैक्ट्री में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में इतनी मुश्किल क्यों आई। पुलिस मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।
आधी रात तक घटनास्थल पर मची रही अफरा-तफरी
जूता फैक्ट्री में आग लगने की खबर फैलते ही मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और दमकल की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। फैक्ट्री के अंदर से लोगों को बेहोशी की हालत में निकाले जाने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। धुएं के कारण बचाव अभियान में आई मुश्किलों के बावजूद दमकलकर्मियों ने सभी छह लोगों को बाहर निकाल लिया। फिलहाल चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दो घायलों का उपचार जारी है। आग लगने के कारणों, फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है।













