
दिल्ली की राजनीति मंगलवार सुबह एक अप्रत्याशित घटना से हिल गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सरकारी आवास पर चल रहे ‘जनसुनवाई कार्यक्रम’ के दौरान हमला हो गया। हमलावर खुद को फरियादी बताकर बैठक में शामिल हुआ था और अचानक मुख्यमंत्री पर झपट पड़ा।
सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हमलावर को पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री को प्राथमिक इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
हमला कैसे हुआ?
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी की उम्र लगभग 41 वर्ष है। वह हाथ में कुछ दस्तावेज लेकर ‘जनसुनवाई’ में आया था। पहले उसने फाइलें दिखाने के बहाने मुख्यमंत्री से बातचीत शुरू की और अचानक उनके नज़दीक जाकर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर खींचा। यह सब कुछ कुछ ही सेकंड में हो गया, लेकिन सुरक्षा टीम ने तुरंत काबू पा लिया।
#WATCH | Delhi BJP president Virendraa Sachdeva says, "During Jan Sunvai this morning, CM was speaking with the public like she always does. A man approached her, presented some paper and suddenly held her hand while trying to pull her towards him. During this, there was a little… pic.twitter.com/r2FiC9ADej
— ANI (@ANI) August 20, 2025
"राजनीति में हिंसा अस्वीकार्य" – बीजेपी
इस घटना पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा – “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हुआ हमला बेहद शर्मनाक है। यह सोच से परे है कि कोई व्यक्ति एक महिला मुख्यमंत्री पर हाथ उठा सकता है, जबकि वे दिन-रात जनता की सेवा में जुटी रहती हैं। राजनीति में असहमति हो सकती है, पर हिंसा की कोई जगह नहीं।”
दिल्ली के मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने भी इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। उनके अनुसार, “मुख्यमंत्री की लोकप्रियता और उनके जमीनी काम से विपक्षी दल परेशान हैं, इसलिए इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।”
विपक्ष की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध और मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा स्वीकार्य नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस आरोपी पर कड़ी कार्रवाई करेगी और मुख्यमंत्री जल्द स्वस्थ होकर अपने काम पर लौटेंगी।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने स्वयं जांच की कमान संभाल ली है। चूंकि मुख्यमंत्री के आवास पर हर हफ्ते ‘जनसुनवाई’ होती है, इसलिए इस हमले ने सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी है।
फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने हमला क्यों किया और इसके पीछे कोई संगठित साजिश है या नहीं।














