अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर विरोध का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि 25 जुलाई 2026 को देश के युवाओं से किए गए वादों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का फैसला किया है।
पार्टी के मुताबिक, मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें देशभर से छात्रों, युवा संगठनों और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। मार्च में NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों और कथित पुलिस बर्बरता से प्रभावित लोगों के परिवारों को भी नेतृत्व की भूमिका में रखा गया है।
CJP ने सरकार पर वादे से पीछे हटने का लगाया आरोप
CJP के सह संयोजक सौरव दास ने पार्टी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान साझा किया। इसमें बताया गया कि पार्टी की नेशनल वर्किंग कमेटी ने सरकार और BJP/NDA शासित राज्यों की ओर से 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों की समीक्षा की।
पार्टी का दावा है कि इन्हीं आश्वासनों के आधार पर देशभर में चल रहे युवा विरोध प्रदर्शनों को भरोसे के साथ वापस लिया गया था। हालांकि, CJP के मुताबिक बीते एक महीने में इन वादों को लागू करने के बजाय सरकार की ओर से देरी और तकनीकी प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से देशभर में दर्ज FIR की सूची मांगी थी, ताकि अदालत सभी मामलों को एक साथ रद्द करने पर विचार कर सके। CJP का कहना है कि इसके बावजूद सरकार ने सभी मामलों को वापस लेने का स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है और पार्टी को अभी तक सरकार की ओर से लिखित भरोसा नहीं मिला है।
'धैर्य को कमजोरी न समझें'
CJP ने अपने बयान में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उसकी ओर से अब और इंतजार नहीं किया जा सकता। पार्टी के अनुसार, उसके धैर्य को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए और अच्छे विश्वास का गलत इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसी के बाद नेशनल वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया।
NEET आंदोलन के बाद वापस लिया गया था प्रदर्शन
CJP के मुताबिक, NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चले लंबे आंदोलन के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद पार्टी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की थी।
आंदोलन समाप्त करने के दौरान CJP की प्रमुख शर्तों में से एक यह थी कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई FIR वापस ली जाएं। अब पार्टी का कहना है कि सरकार ने अभी तक सभी मामलों को वापस नहीं लिया है। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने सितंबर में दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन का ऐलान किया है।













