अभिजीत दीपके, जिन्हें कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर के तौर पर जाना जाता है, ने आम आदमी पार्टी यानी AAP के साथ अपने पुराने जुड़ाव को लेकर स्थिति साफ कर दी है। बीबीसी को दिए हालिया इंटरव्यू में उन्होंने माना कि वह आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। दीपके ने कहा कि उन्हें पार्टी के साथ काम करने पर गर्व है और उन्होंने इस संबंध को कभी छिपाने की कोशिश नहीं की।
इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या विपक्षी राजनीतिक दल के साथ उनके पुराने जुड़ाव को भविष्य में उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके जवाब में दीपके ने कहा कि एक ऐसा ईकोसिस्टम हो सकता है जो बार-बार उनके AAP से जुड़े होने की बात उठाए।
उन्होंने साफ किया कि आम आदमी पार्टी एक राजनीतिक दल है और उन्होंने वहां काम किया था। उनके मुताबिक, पार्टी में उन्होंने संचार से जुड़े काम की जिम्मेदारी संभाली थी। दीपके ने कहा कि उन्होंने अपने इस पुराने जुड़ाव को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है और उन्हें वहां काम करने पर गर्व है।
शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े काम का भी किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने अपने जवाब में यह भी बताया कि AAP के साथ रहते हुए उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि अगर उनके आलोचक उनके राजनीतिक अतीत का इस्तेमाल उन्हें निशाना बनाने के लिए करना चाहते हैं, तो वे ऐसा कर सकते हैं।
दीपके ने इसी संदर्भ में कहा कि उनके खिलाफ उनके अतीत को मुद्दा बनाने का मतलब यह भी हो सकता है कि आलोचकों के पास उन्हें निशाना बनाने के लिए वर्तमान से जुड़ा कोई दूसरा आधार नहीं है।
AAP से जुड़ाव को लेकर पहले भी लगते रहे हैं आरोप
संदर्भ के अनुसार, बीबीसी ने मई में प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिका के बोस्टन जाने से पहले अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी के साथ काम करते थे। उनके AAP से जुड़े होने को लेकर लगातार आरोप लगाए जाते रहे हैं। अब दीपके ने खुद इंटरव्यू में इस संबंध को स्वीकार करते हुए कहा है कि उन्होंने पार्टी में संचार से संबंधित काम किया था।
5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च किया गया वापस
इस बीच, 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर भी बड़ा बदलाव हुआ है। सीजेपी ने इस मार्च को वापस लेने का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, यह फैसला सरकार की ओर से FIR वापस लेने और आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए केंद्र को निर्देश दिए जाने के बाद लिया गया।
सीजेपी का कहना है कि सरकार ने जुलाई में किए गए अपने सभी वादे पूरे कर दिए हैं। इसी आधार पर 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च को वापस लेने का निर्णय लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दीपके ने किया स्वागत
अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन छात्रों और नागरिकों को न्याय मिला है, जिन्होंने अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन किया और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात सामने रखी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। इसके साथ ही केंद्र को निर्देश दिया गया कि आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को तीन महीने के भीतर वित्तीय मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
इस घटनाक्रम के बीच अभिजीत दीपके ने अपने AAP से जुड़े पुराने काम को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी में काम किया था, इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है और इस अनुभव को लेकर उन्हें गर्व है।













