समस्तीपुर में नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा और राज्य में महिलाओं तथा बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए। समस्तीपुर पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो से जुड़े मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और जांच जारी है।
पप्पू यादव ने कहा कि मधेपुरा, समस्तीपुर और दरभंगा के स्कूलों से सामने आ रही घटनाओं को देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सांसद ने दावा किया कि आम लोगों के साथ-साथ गरीब और कमजोर परिवारों की बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों और बदमाशों से जुड़ी रेप और छेड़खानी की घटनाओं में कमजोर वर्ग के लोग अधिक प्रभावित होते हैं। पप्पू यादव ने विशेष रूप से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कई मामलों में उनकी शिकायतें ठीक से दर्ज नहीं होतीं।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
पप्पू यादव ने बिहार की मौजूदा स्थिति की तुलना राज्य में पहले के ‘जंगल राज’ संबंधी राजनीतिक आरोपों से की। उन्होंने कहा कि एक तरफ 2005 से पहले के शासन को ‘जंगल राज’ कहा जाता था, जबकि अब उनके मुताबिक हालात उससे भी खराब बताए जा रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी सुरक्षित नहीं है और गरीब परिवारों की बेटियों को विशेष रूप से खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नशाखोरी और अपराध से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
पप्पू यादव ने अपने बयान में दावा किया कि बड़ी संख्या में अपराध के मामले दर्ज ही नहीं होते। उन्होंने 60 से 70 प्रतिशत मामलों के रजिस्टर नहीं होने का आरोप लगाया। यह आंकड़ा उनके द्वारा लगाया गया दावा है, जिसका कोई स्वतंत्र आंकड़ा उनके बयान में पेश नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और बिहार की जनता के साथ कब तक ऐसा व्यवहार जारी रहेगा। इसी क्रम में उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं है तो सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें दे दी जाए।
समस्तीपुर मामले में पुलिस कार्रवाई
समस्तीपुर की घटना कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर इलाके में सामने आई। पुलिस के अनुसार, लड़की एक युवक के साथ सड़क किनारे रुकी थी, तभी कुछ युवकों ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर उसके साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अलग-अलग रिपोर्टों में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और पांच संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है और वीडियो में नजर आ रहे लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। यह घटना कुछ दिन पहले जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई कथित बदसलूकी की घटना के बाद सामने आई है, जिसके बाद बिहार में महिला और बालिका सुरक्षा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए हैं।
चुनाव आयोग और SIR पर भी उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे के अलावा चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से संसद का विशेष सत्र बुलाने और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
उन्होंने चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और असम के चुनाव रद्द करने की मांग भी की। साथ ही विपक्ष से अपील की कि वह चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई तब तक जारी रखे, जब तक आयोग को भंग नहीं कर दिया जाता।
SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच अलग-अलग राज्यों में विवाद और कानूनी बहस चल रही है। पश्चिम बंगाल के मामले में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि SIR के दौरान हटाए गए 27.16 लाख नामों में से 22 लाख से अधिक लोगों ने पुनः शामिल किए जाने के लिए अपील की है।
पप्पू यादव ने अपने बयान में इन चुनावी मुद्दों को भी बिहार में कानून-व्यवस्था के सवाल से जोड़ते हुए सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया। उनके बयान में लगाए गए आरोप और चुनाव रद्द करने जैसी मांगें उनका राजनीतिक पक्ष हैं।
समस्तीपुर की घटना पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, जबकि इस मामले ने बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर पप्पू यादव ने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।













