
मोकामा विधानसभा क्षेत्र के पंडारक प्रखंड के भदौर थाना इलाके में जनसुराज प्रत्याशी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह इन दिनों बेऊर जेल में हैं। जेल प्रशासन के अनुसार उन्हें किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी गई है, क्योंकि वे उच्च श्रेणी के कैदी के दायरे में नहीं आते।
जेल में सामान्य बंदी की तरह रह रहे हैं अनंत सिंह
अनंत सिंह अपने दो समर्थकों — मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम — के साथ विशेष सुरक्षा वार्ड में रखे गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक, उन्हें कोई सेवादार भी मुहैया नहीं कराया गया है। बताया जा रहा है कि जेल में बिताई गई उनकी पहली रात काफी बेचैन रही। हालांकि दिन का समय अपेक्षाकृत सामान्य बीता।
पहले दिन उनसे कोई भी मुलाकात करने नहीं आया। रविवार को जब उन्हें जेल भेजा गया, उसी रात उनकी मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें सब कुछ सामान्य पाया गया। अगले दिन सुबह उन्हें चाय और नाश्ता दिया गया, जबकि दोपहर और रात में जेल का साधारण खाना परोसा गया।
मोकामा में चुनावी हिंसा से शुरू हुआ मामला
यह पूरा मामला उस हिंसक घटना से जुड़ा है जिसमें मोकामा विधानसभा क्षेत्र के भदौर थाना इलाके में जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों के विरोध के चलते पुलिस को शव को बाढ़ अनुमंडल अस्पताल तक ले जाने में करीब 16 घंटे लग गए।
निर्वाचन आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मोकामा में हुई इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। इसे गंभीरता से लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने तत्काल रिपोर्ट तलब की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने डीजीपी विनय कुमार से घटना की विस्तृत जानकारी मांगी। बाद में बिहार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी इस मामले पर चर्चा हुई।
तेजी से हुई कार्रवाई
चुनाव आयोग ने इस हिंसा को लेकर शीघ्र जांच के निर्देश जारी किए। साथ ही एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए घोसवरी थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार और भदौर थानाध्यक्ष रविरंजन चौहान को निलंबित कर दिया। इसके अलावा आयोग ने ग्रामीण एसपी और बाढ़ अनुमंडल के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। इनमें बाढ़ के एसडीओ, एसडीपीओ बाढ़-1 और एसडीपीओ बाढ़-2 अभिषेक सिंह शामिल हैं, जिन्हें निलंबित किया गया है।
दिनभर चली छापेमारी कार्रवाई में पुलिस ने मारपीट और पथराव की घटनाओं में शामिल 80 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
देर रात की गई गिरफ्तारी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि और गवाहों के बयान, वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर एसएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने शनिवार देर रात बाढ़ क्षेत्र में छापेमारी की। यहां कारगिल मार्केट स्थित आवास से पूर्व विधायक अनंत सिंह सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
रविवार को तीनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। फिलहाल अनंत सिंह वहीं बंद हैं, और जेल प्रशासन की मानें तो वे एक सामान्य बंदी की तरह अपना समय बिता रहे हैं।














