
एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव को पुलिसकर्मियों ने नगर पंचायत की कचरा गाड़ी में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मानवता को शर्मसार करने वाला यह मामला उत्तर प्रदेश के महोबा से सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक पुलिसकर्मी शव को उछालकर कचरा गाड़ी में फेकने वाले थे लेकिन वहां मौजूद एक दरोगा ने टोका तो एक शख्स को गाड़ी पर चढ़ाकर सहारे से शव ऊपर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने नगर पंचायत के सहयोग से अंतिम संस्कार कराया है।
दरअसल, कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रामकरन कुश्वाहा (48 साल) अपने इकलौते बेटे के साथ दिल्ली में रहते थे। 16 साल पहले उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। बीते शुक्रवार को वे अपने बेटे के साथ वापस घर लौटे। उस वक्त उन्हें खांसी हो रही थी। इस पर परिवार ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया। धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। शुक्रवार को बेटा दीपक उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया।
नगर पंचायत के सहयोग से करवाया अंतिम संस्कार
शनिवार को पंचायतनामा के लिए एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन परिजन लापता थे। पुलिस ने परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया। कई बार समझाने के बाद पुलिस ने बेटे दीपक से गाड़ी लेकर आने को कहा। इस पर दीपक नगर पंचायत खरेला की कचरा गाड़ी लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। इसके बाद बेटा कचरे की गाडी में पिता के शव को लेकर पहले पोस्टमार्टम के लिए फिर बाद में घर ले गया। नगर पंचायत के सहयोग से बेटे ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया।














