देशहित के लिए लोगों की नाराजगी और गुस्सा झेलना पड़ता है : PM मोदी

By: Pinki Fri, 20 Dec 2019 12:33 PM

देशहित के लिए लोगों की नाराजगी और गुस्सा झेलना पड़ता है : PM मोदी

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। पूर्वोत्तर के साथ इस कानून के विरोध में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मुंबई, बैंगलूरू और देश के बाकी जगहों पर भी लोग सड़कों पर उतर आए। इस बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने भी रणनीति तैयार कर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स का प्रयोग किया। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूरे देश में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच आज यानि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश के लिए काम करने में काफी गुस्सा झेलना पड़ता है, कई लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है इसके अलावा कई आरोपों से गुजरना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ASSOCHAM के कार्यक्रम में कहा कि आपकी सौ साल की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए होंगे, अनेक लोगों ने इसकी अगुवाई की होगी सभी अभिनंदन के पात्र हैं। सौ साल की यात्रा का मतलब है कि आपने भारत के आजादी आंदोलन और आजादी के बाद को देखा है। 2014 से पहले जब अर्थव्यवस्था तबाह हो रही थी, उसे संभालने वाले तमाशा देख रहे थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख कहां थी, ये सभी जानते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 2020 के साथ नया दशक सभी के लिए सुख समृद्धि लाए, इसके लिए बधाई। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात अचानक नहीं आई है, पिछले पांच साल में देश मजबूत हुआ है इसलिए ऐसे लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। 5-6 साल पहले हमारी अर्थव्यवस्था डिजास्टर की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन हमारी सरकार ने इसे रोका है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तय नियमों से चले इसके लिए हमने व्यवस्था में परिवर्तन किया है। आज 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी के लिए मजबूत आधार बना है। जबतक पूरा देश मिलकर लक्ष्य को तय नहीं करता है, तबतक लक्ष्य पूरा नहीं होता। जब मैंने इस लक्ष्य को रखा तो पता था कि इसका विरोध होगा और कहा जाएगा कि भारत ये नहीं कर सकता।

पीएम मोदी ने कहा भारत आज दुनिया के उन टॉप-10 देशों में शामिल है, जिसने इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में लगातार सबसे अच्छा सुधार किया है।क्या उद्योग जगत नहीं चाहता था कि देश में टैक्स का जाल कम हो। हर राज्य में अलग अलग दरों की परेशानी से उसे मुक्ति मिले। हम जीएसटी लाए। व्यापार जगत से जो भी फीडबैक मिला, हम जीएसटी में आवश्यक चीजें जोड़ते रहे। उसमें जरूरी परिवर्तन करते रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि आजकल अर्थव्यवस्था को गति देने वाले समूह इस लक्ष्य की बात कर रहे हैं। जब मैंने 2014 में लालकिले से ऐलान किया कि देश को खुले में शौच से मुक्त करेंगे, लेकिन देश ने उसे करके दिखाया। हम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहते हैं, इसलिए डिजिटल ट्रांजैक्शन से GST तक काम किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, कॉर्पोरेट टैक्स कम करने, उसका प्रोसेस आसान करने को लेकर भी बरसों से देश में तमाम चर्चाएं होती थी। देश में जितना कॉर्पोरेट टैक्स आज है, 100 साल के इतिहास में इतना कम टैक्स कभी नहीं रहा, ये काम भी हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की वजह से अब 13 बैंक मुनाफे में वापस आ चुके हैं। 6 बैंक PCA से भी बाहर निकल चुके हैं।हमने बैंकों का एकीकरण भी तेज किया है।बैंक अब अपना देशव्यापी नेटवर्क बढ़ा रहे हैं और अपनी ग्लोबल पहुंच कायम करने की ओर अग्रसर हैं।

आपको बता दें कि एसोचैम (असोसिएशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज '100 ईयर्स ऑफ एसोचैम’ नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मंत्रिमंडल के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी, टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं।

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