
जयपुर में प्रताप नगर थाने में 10 सितंबर को बालिका के पिता ने बेटे की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करवाया था जिसमें कारवाई करते हुए पुलिस ने 20 दिन पहले अगवा हुई 14 साल की बालिका को दौसा से बरामद किया हैं। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी और उसका साथी फरार हो गए है। उनकी तलाश जारी है। इस संबंध में पुलिस ने मुक्त करवाई गई बालिका के बयान दर्ज कर उसका मेडिकल मुआयना करवाया है। उसे परिजनों को सौंप दिया है। डीसीपी प्रहलाद कृष्णियां ने बताया कि पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि वह प्रताप नगर में रहती है। उसके पड़ोस में अजय हरिजन और जोगेंद्र रहते है। वे उसे उसकी मां के पास गांव में छोड़ने का बहाना बनाकर जयपुर से अगवा कर ले गए। लेकिन बदमाशों ने उसे गांव में मां के पास नहीं पहुंचाया। अजय अगवा बालिका को अपने गांव पातरहेड़ा ले गया। वहां नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म भी किया।
तलाश के बाद बच्ची के बरामद नहीं होने पर राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच में हैवियस कॉपर्स दायर की गई थी। इसके बाद जयपुर कमिश्नरेट में पूर्व जिले की पुलिस बच्ची को सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस को बालिका के पड़ोस में रहने वाले दो युवकों के गायब होने पर शक हुआ। तब तकनीकी पड़ताल और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी अजय का गांव दौसा जिले में पातरहेड़ा गांव में होने का पता चला। थानाप्रभारी बलबीर कस्वां, सब इंस्पेक्टर कैलाश प्रसाद और हैडकांस्टेबल किशन नाग के नेतृत्व में टीम ने दौसा में मुख्य आरोपी के घर पर दबिश दी। जहां एक कमरे में अगवा कर बंधक बना रखी बालिका को बरामद कर लिया।














