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आजादी के जश्न के बाद तिरंगे को सुरक्षित रखने और फोल्ड करने का सही तरीका – विस्तृत जानकारी

आजादी के जश्न के बाद भारतीय तिरंगे को सुरक्षित रखने और सही तरीके से फोल्ड करने का आसान तरीका जानें। तिरंगे का सम्मान कैसे करें, फ्लैग कोड के नियम, अपमान पर दंड, और रात-दिन फहराने के नियम विस्तार से पढ़ें।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Fri, 15 Aug 2025 1:57:22

आजादी के जश्न के बाद तिरंगे को सुरक्षित रखने और फोल्ड करने का सही तरीका – विस्तृत जानकारी

भारत का तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा, एकता और वीरों के बलिदान का प्रतीक है। 22 जुलाई 1947 को इसे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया और 15 अगस्त 1947 को लालकिले पर पहली बार फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस और अन्य राष्ट्रीय अवसरों पर इसे गर्व के साथ फहराया जाता है। लेकिन समारोह के बाद इसे उसी सम्मान और गरिमा के साथ संभालना भी उतना ही आवश्यक है।

तिरंगे को सुरक्षित रखने के नियम

फ्लैग कोड के अनुसार, तिरंगा कभी ऐसी जगह पर नहीं रखा जाना चाहिए जहां उसे गंदा होने, कटने या फटने का खतरा हो। अगर झंडा किसी भी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो इसे सामान्य कपड़ों की तरह फेंकना नहीं चाहिए। इसके लिए विशेष फोल्डिंग और रखरखाव के तरीके तय हैं, ताकि राष्ट्रीय सम्मान सुरक्षित रहे।

तिरंगे को फोल्ड करने की सही प्रक्रिया

तिरंगे को फोल्ड करने के लिए इसे क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) रूप में रखा जाता है। सबसे पहले केसरिया और हरे रंग की पट्टियों को सफेद पट्टी के पीछे मोड़ा जाता है। इसके बाद सफेद पट्टी को इस तरह मोड़ें कि केवल अशोक चक्र दिखाई दे। इस दौरान केसरिया और हरे रंग की कुछ पट्टियां दिखाई देनी चाहिए। मुड़े हुए झंडे को हाथों या हथेलियों में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए।

तिरंगे का अपमान – दंडनीय अपराध

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत दंडनीय अपराध है। कानून कहता है कि अगर कोई सार्वजनिक रूप से तिरंगे को जलाता है, विकृत करता है, नष्ट करता है, रौंदता है या मौखिक/लिखित या किसी अन्य कृत्य से अपमानित करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों दंडित किया जा सकता है।

तिरंगा फहराने के नियम

फ्लैग कोड के अनुसार कोई भी नागरिक, निजी संगठन या शैक्षणिक संस्थान राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है, बशर्ते इसे सम्मानपूर्वक किया जाए। जुलाई 2022 में हुए संशोधन के अनुसार अब तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है, बशर्ते कि खुले में हो और रात में पर्याप्त रोशनी हो। इससे पहले, राष्ट्रीय ध्वज केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही फहराया जा सकता था।

राष्ट्रीय ध्वज की प्रमुखता और स्थिति

राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा सम्मान की स्थिति में रखना चाहिए। इसे उच्चतम बिंदु पर फहराना चाहिए और प्रमुखता से दिखाई देना चाहिए। क्षतिग्रस्त, गंदे या अस्त-व्यस्त झंडे को कभी फहराया नहीं जाना चाहिए। यदि झंडा फटा या क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उसे सम्मानपूर्वक वापस रख देना चाहिए।

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