
नेपाल में बीते दिनों फैली हिंसा और विरोध प्रदर्शनों ने वहां की राजनीति को हिला कर रख दिया है। राजधानी समेत कई हिस्सों में हुई आगजनी और उपद्रव के बाद प्रधानमंत्री पी. शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस अस्थिर माहौल का असर भारत की सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के जिन जिलों की सीमाएं नेपाल से जुड़ी हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। इसी बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मोदी सरकार से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक खास अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी परिस्थिति में भारतीयों की जान और हित सबसे ऊपर होने चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद की केंद्र से मांग
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट करते हुए नेपाल के हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा— नेपाल की मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों, धार्मिक यात्रा पर गए श्रद्धालुओं, पर्यटकों और निर्यातकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्र सरकार से अपेक्षा है कि नेपाल में फंसे सभी भारतीयों और पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित तरीके से स्वदेश वापस लाने के लिए विशेष विमानों, बसों और अन्य परिवहन साधनों की व्यवस्था की जाए। भारतीय निर्यातकों की संपत्ति, सामान और कारोबारी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं। नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया जाए ताकि उन्हें हर संभव सहायता समय पर मिल सके।
चंद्रशेखर आजाद ने दोहराया कि "हर भारतीय का जीवन और उसका हित सर्वोपरि है। हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर यह साबित करेगी कि इस संकट की घड़ी में वह अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है।"
उत्तर प्रदेश में सतर्क हुई पुलिस
नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट पर है। डीजीपी राजीव कृष्णा ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों से नेपाल में हालात सामान्य नहीं हैं और इसी कारण से यूपी के सभी सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि परसों से ही इन जिलों में हाई अलर्ट जारी है। एसएसबी चौकियों और थानों की संख्या बढ़ाई गई है और सुरक्षा बल लगातार निगरानी रख रहे हैं। नेपाल से भारत लौटने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के संदेश लगातार प्राप्त हो रहे हैं और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।














