
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले के बाद, केंद्र सरकार ने कूटनीतिक प्रतिक्रिया में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। कोविड-19 के कारण भारत-चीन के बीच ठप पड़ी सीधी हवाई उड़ानें अगले महीने से पुनः शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस पहल से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रशासन ने एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस को चीन के लिए फ्लाइट संचालन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। ये उड़ानें अचानक से शुरू हो सकती हैं, जिससे भारत-चीन के बीच व्यापार और यात्रियों के संपर्क में आसानी आएगी।
भारत-चीन के तनावपूर्ण संबंध
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। इस झड़प के बाद सीमा पर सैनिकों की तैनाती तेज हुई, कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं हुईं, लेकिन अभी भी कई विवाद सुलझ नहीं पाए हैं। कोरोना महामारी के चलते चीन से निवेश पर रोक लगी, आयात पर कड़ी निगरानी रखी गई और दोनों देशों के बीच सीधे हवाई संपर्क पूरी तरह बंद हो गया, जिससे आर्थिक और सामाजिक स्तर पर संपर्क में कमी आई।
प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अगस्त को तियानजिन पहुंचेंगे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह मोदी का 2018 के बाद चीन का पहला दौरा होगा। पिछले बार उन्होंने इसी सम्मेलन में भाग लिया था। इस सम्मेलन के दौरान, मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत की भी संभावना जताई जा रही है, जो 2020 के लद्दाख विवाद के बाद बिगड़े रिश्तों को सुधारने का प्रयास हो सकती है।
सीधी उड़ानों की अहमियत
कोविड-19 महामारी से पहले भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें संचालित होती थीं, जिससे यात्रियों को समय और लागत दोनों में बचत होती थी। महामारी के कारण ये उड़ानें बंद हो गईं, जिससे यात्रियों को हांगकांग, सिंगापुर या बैंकॉक जैसे ट्रांजिट हब के जरिए यात्रा करनी पड़ती है, जो महंगा और जटिल होता है। उड़ानें फिर से शुरू होने से यात्रा सरल, तेज और किफायती हो जाएगी, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रंप का भारत पर टैरिफ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% का भारी टैरिफ लगाया है, जिसमें 25% टैरिफ पहले ही लागू हो चुका है और बाकी 25% टैरिफ 28 अगस्त से प्रभावी होगा। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों पर प्रभाव डाल सकता है। ऐसे समय में भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों का पुनः शुरू होना, भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














