न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

ज्ञानेश कुमार कब होंगे रिटायर, जानिए मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल और आगे की जिम्मेदारियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल जनवरी 2029 तक है। जानें कब होंगे रिटायर और 2027-29 के किन राज्यों के चुनाव उनकी निगरानी में होंगे।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 07 Oct 2026 10:55:05

ज्ञानेश कुमार कब होंगे रिटायर, जानिए मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल और आगे की जिम्मेदारियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके साथ ही संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी की भी चर्चा है। इस राजनीतिक हलचल के बीच यह सवाल भी अहम हो गया है कि ज्ञानेश कुमार का मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यकाल आखिर कब तक है और वह कब रिटायर होंगे।

ज्ञानेश कुमार का मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यकाल जनवरी 2029 तक है। इसका मतलब है कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। हालांकि, संदर्भ सामग्री के मुताबिक, अगर सरकार उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाती है तो वह 2029 का लोकसभा चुनाव भी करा सकते हैं।

19 फरवरी 2025 को संभाली थी CEC की जिम्मेदारी


ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला था। इससे पहले वह चुनाव आयुक्त के तौर पर काम कर चुके थे। जनवरी 2024 में वह सिविल सर्विस से रिटायर हुए थे और इसके दो महीने से भी कम समय बाद उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। उनकी चुनाव आयुक्त के तौर पर नियुक्ति आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने से एक दिन पहले हुई थी। इसके बाद फरवरी 2025 में उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी मिली।

मुख्य चुनाव आयुक्त को कैसे हटाया जा सकता है?

मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की प्रक्रिया भी सामान्य सरकारी पदों से अलग है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट सीधे पद से नहीं हटा सकता। उन्हें हटाने के लिए संसद में महाभियोग जैसी प्रक्रिया अपनानी होती है। विपक्ष अपने दम पर इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सकता, क्योंकि प्रस्ताव को पारित कराने के लिए दो-तिहाई सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में केवल विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं होने की स्थिति में वह अकेले महाभियोग प्रस्ताव पारित नहीं करा सकता। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त चाहें तो स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

2027 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव

ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने हैं। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब, मणिपुर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 में राष्ट्रपति चुनाव भी होना है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल के दौरान होने वाले चुनावों में यह चुनाव भी महत्वपूर्ण रहेगा।

2028 में 9 राज्यों में चुनाव

वर्ष 2028 में भी चुनावी कैलेंडर काफी व्यस्त रहेगा। इस साल मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, कर्नाटक, मिजोरम और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों की जिम्मेदारी भी उस समय मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग के पास होगी।

2029 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव

वर्ष 2029 में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों के साथ 2029 का लोकसभा चुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, मौजूदा कार्यकाल के हिसाब से ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल जनवरी 2029 में पूरा हो जाएगा। इसलिए लोकसभा चुनाव के समय उनकी भूमिका उनके कार्यकाल में किसी संभावित बदलाव पर निर्भर करेगी।

22 से ज्यादा विधानसभा चुनाव कराने की जिम्मेदारी

मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर ज्ञानेश कुमार अपने कार्यकाल में कम से कम 22 विधानसभा चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के चुनाव शामिल हैं। उनके नेतृत्व में बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं।

36 साल से ज्यादा समय तक नौकरशाही में रहे

ज्ञानेश कुमार का प्रशासनिक अनुभव भी लंबा रहा है। वह 36 साल से अधिक समय तक नौकरशाही में सक्रिय रहे हैं। चुनाव आयोग में आने से पहले उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। फिलहाल वह एसआईआर के मुद्दे को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष उनके खिलाफ राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर विरोध कर रहा है तथा उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी बीच उनके कार्यकाल और उन्हें हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत