
त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही सोने और चांदी के दामों में तेज़ी देखने को मिली है। मंगलवार को 24 कैरेट सोना 1,300 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर 1,10,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी कमजोर रोजगार आंकड़ों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की चमक और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति के चलते निवेशक लगातार सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना अमेरिकी डॉलर में 3,655.83 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जिसमें 0.54 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी कमजोर जॉब्स आंकड़े और फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित दर कटौती की उम्मीद ने सोने की मांग को और बढ़ा दिया है।
शहरवार सोने का भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,10,440 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,01,250 रुपये पर कारोबार कर रहा है। आर्थिक केंद्र मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,10,290 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,01,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है।
जयपुर, अहमदाबाद और पटना में भी 24 कैरेट सोना 1,10,340 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,01,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। ध्यान दें कि 24 कैरेट सोना निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोना ज्वैलरी बनाने में इस्तेमाल होता है।
सोना और चांदी के दाम बढ़ने के कारण
सोने और चांदी के दाम रोज़ाना तय होते हैं और इसके पीछे कई आर्थिक और वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
डॉलर-रुपया विनिमय दर – चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर मजबूत होने या रुपया कमजोर होने पर भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
आयात और टैक्स – भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है। आयात शुल्क, जीएसटी और अन्य स्थानीय टैक्स सीधे कीमत पर असर डालते हैं।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां – युद्ध, मंदी, ब्याज दरों में बदलाव जैसी घटनाओं से सोने की कीमत प्रभावित होती है। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर बढ़ते हैं।
सांस्कृतिक और पारंपरिक मांग – भारत में सोना न केवल निवेश बल्कि शादी, त्योहार और शुभ अवसरों के लिए भी खरीदा जाता है, जिससे मांग और कीमतों में बढ़ोतरी होती है।
महंगाई के मुकाबले निवेश – सोना लंबे समय से महंगाई के मुकाबले सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है। जब शेयर बाजार में जोखिम बढ़ता है, निवेशक सोने को प्राथमिकता देते हैं।














