
सोने के बाजार में फिर हलचल मची हुई है। अमेरिका की मौद्रिक नीति में ढील और वहां की मुद्रास्फीति के हालिया आंकड़ों के बीच सोने की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। श्रम बाजार की कमजोर स्थिति और पिछले चार हफ्तों में बेरोजगारी की सबसे अधिक दर के बीच सोना निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोना 0.48% की बढ़त के साथ 1,09,500 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत भी 1.14% की तेजी के साथ 1,28,383 रुपये प्रति किलो हो गई है।
शहरवार सोने-चांदी के भाव
विश्लेषकों का मानना है कि 17 सितंबर को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना से बाजार में सकारात्मक सेंटिमेंट बना हुआ है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और रूस से तेल की खरीदारी, भारत-चीन संबंधों पर अमेरिकी उच्च टैरिफ जैसे कारणों ने सोने की ओर निवेशकों का ध्यान खींचा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,11,430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,02,150 रुपये में बिक रहा है। आर्थिक केंद्र मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरू और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,11,280 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,02,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से कारोबार कर रहा है। आमतौर पर 24 कैरेट सोना निवेश के लिए खरीदा जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोना ज्यादातर ज्वैलरी बनाने के लिए उपयोग होता है।
सोने-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं
सोना और चांदी के दाम रोज़ाना कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इनमें प्रमुख हैं: अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज रेट, डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव, सीमा शुल्क और GST, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, भारत में सोने का सांस्कृतिक महत्व, मुद्रास्फीति और निवेशक का रुख।
चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी डॉलर में कारोबार होते हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव सीधे कीमतों पर असर डालता है। डॉलर मजबूत होने या रुपया कमजोर होने पर भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयातित होता है। इस कारण सीमा शुल्क, GST और स्थानीय करों का सीधा प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ता है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता (जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी, ब्याज दरों में बदलाव) के समय निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ते हैं, जिसमें सोना प्रमुख है।
सोना: निवेश से परंपरा तक
भारत में सोना केवल निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक महत्व से भी जुड़ा है। शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। मांग अधिक होने के कारण इसकी कीमतें लगातार प्रभावित होती रहती हैं।
महंगाई बढ़ने या शेयर बाजार में जोखिम होने पर लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं। यही वजह है कि सोने की मांग हमेशा मजबूत बनी रहती है और यह लंबे समय से सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है।














