मध्य प्रदेश के छतरपुर में आयोजित दिव्य दरबार के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फ्लाईदुबई विमान में हुए हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संकट की उस घड़ी में मच्छार ने जिस तरह विमान को संभाला और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया, वह साहस और आत्मविश्वास का उदाहरण है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कैप्टन स्मित की हनुमान भक्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्मित हनुमान जी के भक्त हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। शास्त्री के मुताबिक, विमान के नियंत्रण से बाहर होने जैसी गंभीर स्थिति में हनुमान चालीसा का पाठ करने से कैप्टन को आत्मविश्वास मिला और उन्होंने मुश्किल हालात का सामना किया।
विमान में अचानक हुआ हमला
स्रोत सामग्री के मुताबिक, 30 सितंबर को दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सहयोगी पायलट ने चाकू से हमला किया था। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों ने कॉकपिट तक पहुंचकर हमलावर को काबू कर लिया।
हमलावर के नियंत्रण में आने के बाद घायल कैप्टन मच्छार को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति स्थिर की गई। इसके बाद विमान को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतारा गया। कैप्टन मच्छार को आगे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी कैप्टन से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की थी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने संकट की स्थिति में उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की थी।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इसी बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कैप्टन से पूछा था कि उन्होंने ऐसी मुश्किल परिस्थिति में विमान को कैसे संभाला और लोगों की जान बचाने का आत्मविश्वास उन्हें कहां से मिला।
शास्त्री के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने बताया कि जब विमान नीचे जाने लगा, तब उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू किया। उनके अनुसार, इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला और वह विमान को संभालने तथा यात्रियों की जान बचाने के लिए प्रयास कर सके।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताई हनुमान भक्ति की बात
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हनुमान जी में आस्था रखने और हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास की शक्ति पैदा होती है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साहस पर गर्व है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान कहा था कि उनके प्रयासों से विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाने में मदद मिली। इस तरह विमान में हुई गंभीर घटना के दौरान कैप्टन मच्छार की भूमिका को उनके साहस और सूझबूझ के संदर्भ में याद किया गया।














