न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए कभी ना करें उनकी पिटाई, जान लें इससे होने वाले नुकसान

हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासित रहे और किसी प्रकार की शरारत ना करें। लेकिन बच्चे तो नादान होते हैं जो सिर्फ प्यार की भाषा समझते हैं। लेकिन कई पेरेंट्स उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं और कई बार पिटाई भी कर देते हैं।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Sat, 13 Aug 2022 11:34:29

बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए कभी ना करें उनकी पिटाई, जान लें इससे होने वाले नुकसान

हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासित रहे और किसी प्रकार की शरारत ना करें। लेकिन बच्चे तो नादान होते हैं जो सिर्फ प्यार की भाषा समझते हैं। लेकिन कई पेरेंट्स उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं और कई बार पिटाई भी कर देते हैं। आप नहीं जानते आपका यह रवैया किस तरह बच्चों के स्वभाव को नुकसान पहुंचा रहा हैं। जी हां, पेरेंट्स की यही गलतियां बच्चों की लाइफ पर बुरा प्रभाव डालती हैं। अगर आप भी उन पैरेंट्स में से एक हैं जो बच्चों को डांट-डपटकर रखते हैं तो आज हम आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आपको अपनी गलती का अहसास होने लगेगा। आइये जानते हैं पिटाई से बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में...

children care tips,parental tips,parents,child care

खुद पर विश्वास की कमी

बच्चों पर अपने निर्णय या अपेक्षाओं का बोझ डालने से उनमें आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। कई माता-पिता बच्चे को भविष्य में क्या करना या क्या बनना है। इस बात का निर्णय स्वयं करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वह अपने सपनों का बोझ अपने बच्चों पर डालने की कोशिश करते हैं और इसके लिए वह उन्हें मारना-पीटना भी सही समझते हैं। इससे उन्हें लगता है कि उनका बच्चा ज्यादा कामयाब हो सकता है। लेकिन, इसके उल्ट आपका बच्चा आगे चलकर भी अपने जीवन में सही निर्णय नहीं ले पाता है और कोई भी निर्णय लेने में बहुत डरता है या फिर अपना आत्मविश्वास खो देता है। इसलिए बच्चों के हमेशा गाइड करने की कोशिश करें लेकिन उनपर अपने फैसले थोपने की कोशिश न करें।

बच्चे भी बन जाते हैं हिंसक

अगर आप बच्चों पर हाथ उठाकर उन्हें अनुशासन सिखाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें ऐसा लगने लगता है कि मारपीट करना सही है और वो भी अपने आसपास के लोगों के साथ ऐसा ही करते हैं। बच्चे अपने आसपास के लोगों और पैरेंट्स से ही सीखते हैं। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे को डांटने से उसके मन में डर बैठ सकता है और बड़ा होकर वो भी दूसरों के साथ ऐसा ही व्यवहार कर सकता है।

आत्म सम्मान में कमी


कई पेरेंट्स बच्चों को बात-बात पर डांटना सही समझते हैं। ऐसा करने से उन्हें लगता है कि इनका बच्चा अनुशासन में रहता है। उनकी बात सुनता है और उनसे डरता है लेकिन ऐसा करने से बच्चे के आत्मसम्मान पर असर पड़ता है। दरअसल कई माता-पिता ऐसे भी होते हैं, जो अपने बच्चे को पब्लिक प्लेस पर डांटने से भी नहीं चूकते हैं। ऐसे में बच्चे को दूसरों के सामने भी काफी छोटा महसूस होता है। फिर वे खुलकर अपनी बातों को रखने में डरते हैं या कहीं भी कुछ कहने से कतराने लगते हैं। यह बच्चों के विकास के लिए बिल्कुल सही नहीं होता है। इसलिए हमेशा बच्चों को प्यार से समझने की कोशिश करें और हो सके तो उन्हें दूसरों के सामने बिल्कुल न डांटें।

children care tips,parental tips,parents,child care

बिगड़ता है बच्चा
बच्चे पर हाथ उठाने से न केवल उसे शारीरिक पीड़ा होती है बल्कि वह भावनात्मक रूप से भी आहत महसूस करता है। पैरेंट्स की पिटाई बच्चों को भावनात्मक रूप से झकझोर देती है। अगर पैरेंट्स बार-बार बच्चे को उनकी गलती ही बताते रहें तो इससे बच्चे को लगने लगता है कि वो एक अच्छा इंसान नहीं है। वो खुद को बुरा मानने लगता है और बड़ा होकर अपनी ही इज्जत नहीं कर पाता है।

अकेलापन महसूस होना

जब बच्चा अपने मन की बात कह नहीं पाते हैं या हमेशा माता-पिता के निर्देशों का पालन करने वाले बच्चे अक्सर अकेले रह जाते हैं। शायद बहुत अधिक अनुशासन में रहने के कारण इनके दोस्त भी कम बन पाते हैं। ऐसे बच्चे अपनी दिल की बात भी बहुत कम लोगों से कह पाते हैं। ऐसे बच्चे अपने मन की बातें अपने तक ही रखते हैं और आसानी से दूसरों से खुलकर बात नहीं करते हैं। जिसके कारण वे डिप्रेशन और स्ट्रेस का शिकार हो सकते हैं। बुरे समय को झेलने की क्षमता इनमें कम होती है।

विद्रोही हो जाते हैं

बच्चों पर हाथ उठाने वाले पैरेंट्स अक्सर यह नहीं समझ पाते हैं कि ऐसा करके वो अपने बच्चों को ही अपने से दूर कर रहे हैं। अगर आपकी ये आदत बहुत ज्यादा बढ़ गई है तो वो एक या दो बार तो डरेगा, लेकिन इसके बाद विद्रोही बन जाएगा। माता-पिता से अक्सर मार खाने वाले बच्चों के मन में नेगेटिविटी इस कदर बस जाती है कि वे एक समय पर अपने पेरेंट्स की वैल्यू जरा भी नहीं समझते। कई मामलों में बच्चों के मन में पेरेंट्स के लिए नफरत तक भरी होती है।

गुस्सा बढ़ सकता है

जिन बच्चों के साथ मारपीट होती है, उनमें अक्सर गुस्सा अधिक देखा जाता है। अगर छोटी-छोटी बातों पर बच्चे की पिटाई करते हैं तो इससे बच्चे के मन में गुस्सा पैदा होने लगता है। ये गुस्सा किसी भी नकारात्मक तरीके से बाहर आ सकता है। बच्चा माता-पिता के हिंसात्मक व्यवहार को अपनाकर दूसरी जगह इस्तेमाल करता है और इस सिचुएशन में सामने वाले बच्चे को नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। कभी-कभी बच्चा यहां तक सोचने लगता है कि छोटे लोगों को मारना सही होता है। वह अपने से छोटे बच्चों को हमेशा पीटने या डांटने की कोशिश करने लगता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे विपक्षी नेता, 17 दिन के अनशन के बाद बिगड़ी सेहत
सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे विपक्षी नेता, 17 दिन के अनशन के बाद बिगड़ी सेहत
राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट का बड़ा खुलासा, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी बोले- करीब 3 करोड़ रुपये की हुई है चोरी
राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट का बड़ा खुलासा, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी बोले- करीब 3 करोड़ रुपये की हुई है चोरी
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का सख्त रुख, ईरान के सामने दर्ज कराया कड़ा विरो
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का सख्त रुख, ईरान के सामने दर्ज कराया कड़ा विरो
क्या भाजपा को घेरने के लिए CM विजय और DMK आएंगे साथ? जानिए क्या है 'स्प्लिट अलायंस'
क्या भाजपा को घेरने के लिए CM विजय और DMK आएंगे साथ? जानिए क्या है 'स्प्लिट अलायंस'
पत्नी की हत्या कर शव कार में रखा, घंटों घूमता रहा पति, फिर किया सरेंडर
पत्नी की हत्या कर शव कार में रखा, घंटों घूमता रहा पति, फिर किया सरेंडर
'फुंसुक वांगड़ू को मरने मत दीजिए', सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे '3 इडियट्स' के चतुर रामालिंगम, साझा किया भावुक वीडियो
'फुंसुक वांगड़ू को मरने मत दीजिए', सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे '3 इडियट्स' के चतुर रामालिंगम, साझा किया भावुक वीडियो
अमेरिका से पहले चीन ने मारी बाजी, दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन किया लॉन्च
अमेरिका से पहले चीन ने मारी बाजी, दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन किया लॉन्च
नाश्ते में ट्राई करें स्वादिष्ट मखाना भेल, हेल्दी होने के साथ मिलेगा चटपटा स्वाद; मिनटों में तैयार
नाश्ते में ट्राई करें स्वादिष्ट मखाना भेल, हेल्दी होने के साथ मिलेगा चटपटा स्वाद; मिनटों में तैयार
क्या आपका बच्चा छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करता है? कहीं आपकी ये 5 पेरेंटिंग आदतें तो नहीं हैं इसकी वजह
क्या आपका बच्चा छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करता है? कहीं आपकी ये 5 पेरेंटिंग आदतें तो नहीं हैं इसकी वजह
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
शेविंग के बाद त्वचा में हो रही जलन को ऐसे करें शांत, ये 5 घरेलू उपाय देंगे राहत
शेविंग के बाद त्वचा में हो रही जलन को ऐसे करें शांत, ये 5 घरेलू उपाय देंगे राहत
1600 और 140 सीरीज वाले नंबरों पर TRAI का स्पष्टीकरण, जानिए किन कॉल्स को ब्लॉक किया जा सकता है और किन्हें नहीं
1600 और 140 सीरीज वाले नंबरों पर TRAI का स्पष्टीकरण, जानिए किन कॉल्स को ब्लॉक किया जा सकता है और किन्हें नहीं
अयोध्या के बाद अब पुणे में रणबीर कपूर का करोड़ों का निवेश, 25 एकड़ जमीन खरीदी
अयोध्या के बाद अब पुणे में रणबीर कपूर का करोड़ों का निवेश, 25 एकड़ जमीन खरीदी
Nothing Phone (4b) की पहली सेल आज से शुरू, लॉन्च कीमत से 5,000 रुपये तक सस्ता खरीदने का मौका
Nothing Phone (4b) की पहली सेल आज से शुरू, लॉन्च कीमत से 5,000 रुपये तक सस्ता खरीदने का मौका