न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए कभी ना करें उनकी पिटाई, जान लें इससे होने वाले नुकसान

हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासित रहे और किसी प्रकार की शरारत ना करें। लेकिन बच्चे तो नादान होते हैं जो सिर्फ प्यार की भाषा समझते हैं। लेकिन कई पेरेंट्स उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं और कई बार पिटाई भी कर देते हैं।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Sat, 13 Aug 2022 11:34:29

बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए कभी ना करें उनकी पिटाई, जान लें इससे होने वाले नुकसान

हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासित रहे और किसी प्रकार की शरारत ना करें। लेकिन बच्चे तो नादान होते हैं जो सिर्फ प्यार की भाषा समझते हैं। लेकिन कई पेरेंट्स उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं और कई बार पिटाई भी कर देते हैं। आप नहीं जानते आपका यह रवैया किस तरह बच्चों के स्वभाव को नुकसान पहुंचा रहा हैं। जी हां, पेरेंट्स की यही गलतियां बच्चों की लाइफ पर बुरा प्रभाव डालती हैं। अगर आप भी उन पैरेंट्स में से एक हैं जो बच्चों को डांट-डपटकर रखते हैं तो आज हम आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आपको अपनी गलती का अहसास होने लगेगा। आइये जानते हैं पिटाई से बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में...

children care tips,parental tips,parents,child care

खुद पर विश्वास की कमी

बच्चों पर अपने निर्णय या अपेक्षाओं का बोझ डालने से उनमें आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। कई माता-पिता बच्चे को भविष्य में क्या करना या क्या बनना है। इस बात का निर्णय स्वयं करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वह अपने सपनों का बोझ अपने बच्चों पर डालने की कोशिश करते हैं और इसके लिए वह उन्हें मारना-पीटना भी सही समझते हैं। इससे उन्हें लगता है कि उनका बच्चा ज्यादा कामयाब हो सकता है। लेकिन, इसके उल्ट आपका बच्चा आगे चलकर भी अपने जीवन में सही निर्णय नहीं ले पाता है और कोई भी निर्णय लेने में बहुत डरता है या फिर अपना आत्मविश्वास खो देता है। इसलिए बच्चों के हमेशा गाइड करने की कोशिश करें लेकिन उनपर अपने फैसले थोपने की कोशिश न करें।

बच्चे भी बन जाते हैं हिंसक

अगर आप बच्चों पर हाथ उठाकर उन्हें अनुशासन सिखाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें ऐसा लगने लगता है कि मारपीट करना सही है और वो भी अपने आसपास के लोगों के साथ ऐसा ही करते हैं। बच्चे अपने आसपास के लोगों और पैरेंट्स से ही सीखते हैं। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे को डांटने से उसके मन में डर बैठ सकता है और बड़ा होकर वो भी दूसरों के साथ ऐसा ही व्यवहार कर सकता है।

आत्म सम्मान में कमी


कई पेरेंट्स बच्चों को बात-बात पर डांटना सही समझते हैं। ऐसा करने से उन्हें लगता है कि इनका बच्चा अनुशासन में रहता है। उनकी बात सुनता है और उनसे डरता है लेकिन ऐसा करने से बच्चे के आत्मसम्मान पर असर पड़ता है। दरअसल कई माता-पिता ऐसे भी होते हैं, जो अपने बच्चे को पब्लिक प्लेस पर डांटने से भी नहीं चूकते हैं। ऐसे में बच्चे को दूसरों के सामने भी काफी छोटा महसूस होता है। फिर वे खुलकर अपनी बातों को रखने में डरते हैं या कहीं भी कुछ कहने से कतराने लगते हैं। यह बच्चों के विकास के लिए बिल्कुल सही नहीं होता है। इसलिए हमेशा बच्चों को प्यार से समझने की कोशिश करें और हो सके तो उन्हें दूसरों के सामने बिल्कुल न डांटें।

children care tips,parental tips,parents,child care

बिगड़ता है बच्चा
बच्चे पर हाथ उठाने से न केवल उसे शारीरिक पीड़ा होती है बल्कि वह भावनात्मक रूप से भी आहत महसूस करता है। पैरेंट्स की पिटाई बच्चों को भावनात्मक रूप से झकझोर देती है। अगर पैरेंट्स बार-बार बच्चे को उनकी गलती ही बताते रहें तो इससे बच्चे को लगने लगता है कि वो एक अच्छा इंसान नहीं है। वो खुद को बुरा मानने लगता है और बड़ा होकर अपनी ही इज्जत नहीं कर पाता है।

अकेलापन महसूस होना

जब बच्चा अपने मन की बात कह नहीं पाते हैं या हमेशा माता-पिता के निर्देशों का पालन करने वाले बच्चे अक्सर अकेले रह जाते हैं। शायद बहुत अधिक अनुशासन में रहने के कारण इनके दोस्त भी कम बन पाते हैं। ऐसे बच्चे अपनी दिल की बात भी बहुत कम लोगों से कह पाते हैं। ऐसे बच्चे अपने मन की बातें अपने तक ही रखते हैं और आसानी से दूसरों से खुलकर बात नहीं करते हैं। जिसके कारण वे डिप्रेशन और स्ट्रेस का शिकार हो सकते हैं। बुरे समय को झेलने की क्षमता इनमें कम होती है।

विद्रोही हो जाते हैं

बच्चों पर हाथ उठाने वाले पैरेंट्स अक्सर यह नहीं समझ पाते हैं कि ऐसा करके वो अपने बच्चों को ही अपने से दूर कर रहे हैं। अगर आपकी ये आदत बहुत ज्यादा बढ़ गई है तो वो एक या दो बार तो डरेगा, लेकिन इसके बाद विद्रोही बन जाएगा। माता-पिता से अक्सर मार खाने वाले बच्चों के मन में नेगेटिविटी इस कदर बस जाती है कि वे एक समय पर अपने पेरेंट्स की वैल्यू जरा भी नहीं समझते। कई मामलों में बच्चों के मन में पेरेंट्स के लिए नफरत तक भरी होती है।

गुस्सा बढ़ सकता है

जिन बच्चों के साथ मारपीट होती है, उनमें अक्सर गुस्सा अधिक देखा जाता है। अगर छोटी-छोटी बातों पर बच्चे की पिटाई करते हैं तो इससे बच्चे के मन में गुस्सा पैदा होने लगता है। ये गुस्सा किसी भी नकारात्मक तरीके से बाहर आ सकता है। बच्चा माता-पिता के हिंसात्मक व्यवहार को अपनाकर दूसरी जगह इस्तेमाल करता है और इस सिचुएशन में सामने वाले बच्चे को नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। कभी-कभी बच्चा यहां तक सोचने लगता है कि छोटे लोगों को मारना सही होता है। वह अपने से छोटे बच्चों को हमेशा पीटने या डांटने की कोशिश करने लगता है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका के 100% टैरिफ अधिकार पर भारत का जवाब, कहा- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
अमेरिका के 100% टैरिफ अधिकार पर भारत का जवाब, कहा- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू होते ही दिल्ली-मुंबई से बेंगलुरु तक लगी लंबी कतारें, रात 10 बजे से ग्राहक कर रहे थे इंतजार
iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू होते ही दिल्ली-मुंबई से बेंगलुरु तक लगी लंबी कतारें, रात 10 बजे से ग्राहक कर रहे थे इंतजार
ममता से मिलीं कनिमोझी, कांग्रेस से अलग क्षेत्रीय दलों को साथ लाने की अटकलों ने पकड़ा जोर
ममता से मिलीं कनिमोझी, कांग्रेस से अलग क्षेत्रीय दलों को साथ लाने की अटकलों ने पकड़ा जोर
15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट में बड़ा बदलाव, अब 5 साल या 18 साल तक रहेगी वैधता
15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट में बड़ा बदलाव, अब 5 साल या 18 साल तक रहेगी वैधता
बॉक्स ऑफिस पर ‘हैवान’ की हालत खराब, ‘हनुमान अंश’ ने 300 करोड़ का आंकड़ा छुआ; ‘मिर्जापुर’ और ‘इरुमुडी’ की कमाई भी जानें
बॉक्स ऑफिस पर ‘हैवान’ की हालत खराब, ‘हनुमान अंश’ ने 300 करोड़ का आंकड़ा छुआ; ‘मिर्जापुर’ और ‘इरुमुडी’ की कमाई भी जानें
दिल्ली: खेत में मिली क्षत-विक्षत लाश, एक हाथ गायब; गैंगरेप और हत्या की खौफनाक कहानी का ऐसे हुआ खुलासा
दिल्ली: खेत में मिली क्षत-विक्षत लाश, एक हाथ गायब; गैंगरेप और हत्या की खौफनाक कहानी का ऐसे हुआ खुलासा
मछली खाते हैं तो जान लें कौन सी किस्म सेहत के लिए सबसे अच्छी, डाइट में जरूर करें शामिल
मछली खाते हैं तो जान लें कौन सी किस्म सेहत के लिए सबसे अच्छी, डाइट में जरूर करें शामिल
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल की सगाई 6 महीने में टूटी, एक्ट्रेस ने पोस्ट कर बताया- क्यों अलग हुए दोनों
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल की सगाई 6 महीने में टूटी, एक्ट्रेस ने पोस्ट कर बताया- क्यों अलग हुए दोनों
यूपी चुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा 13 साल बाद सपा में लौटे; अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
यूपी चुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा 13 साल बाद सपा में लौटे; अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
चांद पर 2 साल पहले हुई थी ऐसी टक्कर, अब 728 फीट का गड्ढा देखकर वैज्ञानिक भी हैरान
चांद पर 2 साल पहले हुई थी ऐसी टक्कर, अब 728 फीट का गड्ढा देखकर वैज्ञानिक भी हैरान
OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, अक्टूबर में होगा लॉन्च; 165Hz डिस्प्ले और 100W चार्जिंग पर नजर
OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, अक्टूबर में होगा लॉन्च; 165Hz डिस्प्ले और 100W चार्जिंग पर नजर
'मिर्जापुर द मूवी' की बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई जारी, 14वें दिन 200 करोड़ पार, आमिर और अक्षय की फिल्मों को पीछे छोड़ा
'मिर्जापुर द मूवी' की बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई जारी, 14वें दिन 200 करोड़ पार, आमिर और अक्षय की फिल्मों को पीछे छोड़ा
दिशा सालियन केस में नया कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का नोटिस
दिशा सालियन केस में नया कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का नोटिस
शादी के लहंगे का ब्लाउज सिलवाने जा रही हैं तो इन 7 बातों का रखें ध्यान, फिटिंग से लेकर डिजाइन तक नहीं होगी गलती
शादी के लहंगे का ब्लाउज सिलवाने जा रही हैं तो इन 7 बातों का रखें ध्यान, फिटिंग से लेकर डिजाइन तक नहीं होगी गलती